राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में झज्जर जिला पुलिस और परिवहन विभाग ने सड़कों पर अनधिकृत रूप से दौड़ने वाले पुराने तथा मियाद पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ एक व्यापक और कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत डीजल से चलने वाले 10 साल पुराने और पेट्रोल से संचालित 15 साल पुराने वाहनों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अकेले झज्जर जिले की सीमाओं के भीतर लगभग 4,200 भारी वाणिज्यिक और अन्य वाहन ऐसे हैं जो अपनी निर्धारित जीवन अवधि को पार कर चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ट्रैफिक पुलिस ने संबंधित उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) और जिला परिवहन अधिकारी (DTO) से समन्वय स्थापित कर ऐसे सभी पुराने और अनफिट वाहनों का व्यापक डेटा बेस तलब किया है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मैदान में उतरी पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाते हुए अब तक 500 से ज्यादा वाहनों को सड़क से हटाकर जब्त कर लिया है।
झज्जर में ओवरऐज वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान के प्रमुख आंकड़े
| जिले का नाम | नियम उल्लंघन के दायरे में आए वाहन | अब तक जब्त (इम्पाउंड) वाहन | कार्रवाई करने वाली एजेंसी |
|---|---|---|---|
| झज्जर | लगभग 4,200 भारी वाहन | 514 वाहन | झज्जर ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग |
यातायात नियमों के दायरे में सख्ती बढ़ाते हुए पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन स्वामी खुद आगे आकर अपने मियाद पूरे कर चुके वाहनों का संचालन बंद नहीं करते हैं, तो पुलिस दल सीधे उनके रिहायशी परिसरों तक पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम देंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को सुधारना और जहरीले धुएं का उत्सर्जन करने वाले वाहनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना है। स्थानीय परिवहन विभाग और पुलिस महकमे के इस साझा अभियान से वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया है।
"हमने अभी तक 500 से ज्यादा वाहन इम्पाउंड किए हैं। हमारी वाहन चालकों से अपील है कि वे खुद अपने पुराने वाहनों को स्क्रेप करवाएं, अन्यथा पुलिस उनके घर तक पहुंचकर कार्रवाई करेगी।" - सतीश कुमार, ट्रैफिक एसएचओ
वाहन चालकों को दी गई अंतिम चेतावनी और स्क्रेपिंग की अनिवार्यता
ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों में नागरिकों को चेताया गया है कि वे अनफिट और ओवरऐज हो चुकी गाड़ियों को सार्वजनिक मार्गों पर बिल्कुल न लाएं। प्रशासन ने जनता से आग्रह किया है कि वे अधिकृत स्क्रेप सेंटर्स पर जाकर अपने पुराने वाहनों को नियमानुसार नष्ट करवाएं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़कों पर चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर भारी भरकम जुर्माने के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों के तहत जब्ती की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाएगी।
यह पूरा प्रशासनिक कदम केवल चालान काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दीर्घावधि उद्देश्य एनसीआर के पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। जिन वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, वे सामान्य वाहनों की तुलना में कई गुना अधिक प्रदूषण फैलाते हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। आने वाले दिनों में इस अभियान के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की योजना है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के अनफिट वाहनों को टारगेट किया जाएगा।




