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हरियाणा में अवैध रूप से चल रहे 1100 से अधिक निजी स्कूलों पर ताला लटकाने की तैयारी, शिक्षा विभाग ने 2 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट

हरियाणा शिक्षा विभाग ने 1107 गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 2 नवंबर तक बंद करने के सख्त आदेश दिए हैं। कैथल, गुरुग्राम और हिसार में सर्वाधिक अवैध स्कूल चिन्हित।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
28 अक्टूबर 2026 को 08:03 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में अवैध रूप से चल रहे 1100 से अधिक निजी स्कूलों पर ताला लटकाने की तैयारी, शिक्षा विभाग ने 2 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश।
  • •प्रदेश भर के 1107 स्कूलों को ब्लैक लिस्टेड श्रेणी में डालकर बंद करने की समय सीमा तय।
  • •कैथल में सबसे ज्यादा 162 और गुरुग्राम में 99 अवैध स्कूल रडार पर, पुलिस प्रशासन को भी शामिल किया गया।
  • •4 अगस्त के पुराने आदेशों की अनदेखी पर निदेशालय ने जताई नाराजगी, अब 2 नवंबर तक मांगी अंतिम रिपोर्ट।

हरियाणा में शिक्षा के नाम पर अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ राज्य सरकार और मौलिक शिक्षा निदेशालय ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिना किसी वैध मान्यता के चल रहे 1100 से अधिक निजी स्कूलों को 2 नवंबर 2026 तक पूरी तरह बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया है। निदेशालय ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को अत्यंत सख्त पत्र जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इन आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा विभाग के इस कड़े रुख से उन निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है जो पिछले लंबे समय से बिना मान्यता के शैक्षणिक संस्थान चला रहे थे। निदेशालय के संज्ञान में आया है कि इससे पहले 4 अगस्त 2026 को भी इसी प्रकार के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने अवैध स्कूलों की सूची और उन पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साझा नहीं की थी। इस बार निदेशालय ने न केवल शिक्षा अधिकारियों को, बल्कि सभी जिलों के अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (ADC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी पत्र की प्रतियां भेजी हैं ताकि पुलिस बल की मदद से इन संस्थानों को सील किया जा सके।

1107 स्कूलों की सूची तैयार, कैथल और गुरुग्राम में सर्वाधिक अवैध संस्थान

शिक्षा विभाग द्वारा किए गए आंतरिक सर्वे और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे हरियाणा में कुल 1107 ऐसे निजी स्कूलों की पहचान की गई है, जो मान्यता संबंधी आवश्यक मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं। इन स्कूलों को 'गैर-मान्यता प्राप्त' की श्रेणी में रखते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि इन स्कूलों को अपनी मान्यता साबित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए गए थे, लेकिन ये संस्थान वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे।

ज़िलागैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या
कैथल (Kaithal)162
गुरुग्राम (Gurugram)99
हिसार (Hisar)98
पानीपत (Panipat)92
भिवानी (Bhiwani)76
फरीदाबाद (Faridabad)70
जींद (Jind)67
रोहतक (Rohtak)63
करनाल (Karnal)57
यमुनानगर (Yamunanagar)51
सोनीपत (Sonipat)45
महेंद्रगढ़ (Mahendragarh)33
पलवल (Palwal)30
झज्जर (Jhajjar)28
चरखी दादरी (Charkhi Dadri)23
कुरुक्षेत्र (Kurukshetra)22
अंबाला (Ambala)20
सिरसा (Sirsa)16
रेवाड़ी (Rewari)16
नूंह मेवात (Nuh)15
पंचकूला (Panchkula)14
फतेहाबाद (Fatehabad)10

प्रशासनिक सख्ती और पुलिस की भूमिका

निदेशालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल स्कूलों को बंद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 2 नवंबर तक मुख्यालय को मिल जानी चाहिए। इस बार की कार्रवाई में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी विरोध की स्थिति में कानून व्यवस्था बनी रहे। विभाग का मानना है कि अवैध स्कूल न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं क्योंकि इन स्कूलों से प्राप्त सर्टिफिकेट भविष्य में उच्च शिक्षा या नौकरियों के लिए मान्य नहीं होंगे।

"विभागीय आदेशों के बावजूद कई जिलों से अभी तक अवैध स्कूलों को बंद करने की अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 2 नवंबर तक हर हाल में कार्रवाई सुनिश्चित करें और इसकी सूची मुख्यालय भेजें।" - मौलिक शिक्षा निदेशालय, हरियाणा (आधिकारिक पत्र के अनुसार)

अभिभावकों की चिंता और बच्चों का भविष्य

इस बड़े फैसले के बाद उन हजारों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है जिनके बच्चे इन 1107 स्कूलों में पढ़ रहे हैं। शिक्षा सत्र के बीच में स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, विभाग का तर्क है कि अवैध स्कूलों को बढ़ावा देना बच्चों के शैक्षणिक भविष्य के लिए अधिक घातक है। इसके अलावा, राज्य में करीब 9 हजार ऐसे प्ले स्कूल और क्रेच भी चिन्हित किए गए हैं जिनके पास आवश्यक मान्यता नहीं है, आने वाले समय में उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।

आगामी कदम और कानूनी कार्रवाई

शिक्षा विभाग अब उन स्कूल संचालकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है जो आदेश के बावजूद गुपचुप तरीके से स्कूल संचालित करते पाए जाएंगे। 2 नवंबर की समय सीमा समाप्त होने के बाद, निदेशालय की एक विशेष टीम औचक निरीक्षण कर सकती है। यदि कोई स्कूल संचालित मिलता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है। विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला कराने से पहले स्कूल की मान्यता की जांच अवश्य करें।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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