सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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चरखी दादरी में बिजली निगम की बड़ी स्ट्राइक, 133 करोड़ के बकाया पर 14 हजार उपभोक्ताओं के काटे कनेक्शन

चरखी दादरी में बिजली निगम ने 133 करोड़ के बकाया बिलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 14,010 कनेक्शन काटे हैं।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
26 अक्टूबर 2026 को 01:31 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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चरखी दादरी में बिजली निगम की बड़ी स्ट्राइक, 133 करोड़ के बकाया पर 14 हजार उपभोक्ताओं के काटे कनेक्शन
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •चरखी दादरी सर्कल में 14,010 डिफ़ॉल्टर्स के बिजली कनेक्शन काटकर विभाग ने की बड़ी कार्रवाई।
  • •बिजली निगम की इस कार्रवाई के जद में 133.63 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बकाया राशि शामिल।
  • •घरेलू श्रेणी के 11,495 और व्यावसायिक क्षेत्र के 1,884 कनेक्शनों पर विभाग ने चलाया पीला पंजा।
  • •जिले में अभी भी 30,560 उपभोक्ताओं पर 77.28 करोड़ रुपये का बिल लंबित, रिकवरी अभियान जारी।

हरियाणा के चरखी दादरी जिले में बिजली निगम ने उन उपभोक्ताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो लंबे समय से बिलों का भुगतान करने में आनाकानी कर रहे थे। विभाग ने एक व्यापक अभियान चलाकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। यह कार्रवाई उन उपभोक्ताओं पर की गई है जिनकी ओर करोड़ों रुपये की देनदारी बकाया थी। निगम की इस सख्ती से न केवल घरेलू उपभोक्ता बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी हड़कंप मच गया है।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम विभाग के राजस्व घाटे को कम करने और अनुशासित भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। दादरी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक, विभाग की टीमें उन परिसरों की पहचान कर रही हैं जहां बिल जमा न करने के बावजूद बिजली का उपयोग हो रहा था।

चरखी दादरी सर्कल में कार्रवाई का विस्तृत लेखा-जोखा

बिजली निगम द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 14,010 ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जिन पर 133 करोड़ 63 लाख 86 हजार रुपये की राशि बकाया थी। विभाग ने इस कार्रवाई के लिए दादरी शहर, सबर वन, सांजरवास, झोझू, अटेला और बाढड़ा जैसे प्रमुख पावर स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले इलाकों को लक्षित किया है।

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद विभाग की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। वर्तमान में जिले में 30,560 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर अभी भी 77 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपये की राशि बकाया है। निगम अब इन उपभोक्ताओं से वसूली के लिए कानूनी और प्रशासनिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

उपभोक्ता श्रेणीकाटे गए कनेक्शन (संख्या)बकाया राशि (लाख में)लंबित उपभोक्ता (शेष)
घरेलू (Domestic)11,4959,022.0821,033
व्यावसायिक (Commercial)1,8841,423.242,388
HT इंडस्ट्रियल701,325.1550
LT इंडस्ट्रियल1991,027.4296
कृषि क्षेत्र (Agriculture)328432.696,202
ग्राम चौपाल2271.81--

औद्योगिक और कृषि क्षेत्र पर विभाग की टेढ़ी नजर

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि बड़े औद्योगिक घराने भी बिजली बिल भुगतान में पीछे हैं। एचटी (High Tension) इंडस्ट्रियल श्रेणी में 70 कनेक्शन काटे गए हैं, जिन पर 1325.15 लाख रुपये का बकाया था। इसी तरह एलटी (Low Tension) इंडस्ट्रियल क्षेत्र के 199 उपभोक्ताओं पर 1027.42 रुपये की देनदारी थी। कृषि क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां 328 कनेक्शन काटे गए हैं और 6202 उपभोक्ताओं से अभी भी 242.45 लाख रुपये की वसूली की जानी बाकी है।

"विभाग की प्राथमिकता शत-प्रतिशत बिल रिकवरी सुनिश्चित करना है। जो उपभोक्ता बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके कनेक्शन काटने के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बकाया राशि शून्य नहीं हो जाती।"

स्थानीय जनजीवन और व्यवस्था पर प्रभाव

बिजली कनेक्शन कटने से ग्रामीण क्षेत्रों की चौपालों और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अंधेरा छा गया है। गांवों की 22 चौपालों के कनेक्शन कटने से सामाजिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि आर्थिक मंदी और अन्य कारणों से भुगतान में देरी हुई है, लेकिन विभाग की यह अचानक की गई कार्रवाई उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है। दूसरी ओर, नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है, उनका तर्क है कि इससे बिजली चोरी और अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।

भावी रणनीति: कुर्की और कानूनी कार्रवाई की तैयारी

बिजली निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल कनेक्शन काटना ही अंतिम उपाय नहीं है। यदि उपभोक्ता इसके बाद भी बिल जमा नहीं करते हैं, तो विभाग उनकी संपत्तियों की कुर्की और न्यायालय के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे ब्याज माफी योजनाओं या किस्तों में भुगतान के विकल्पों का लाभ उठाएं ताकि उन्हें अंधेरे में न रहना पड़े। आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक तेज होने की संभावना है, जिससे डिफ़ॉल्टर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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