हरियाणा को देश का औद्योगिक केंद्र बनाने के विजन के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज से गुजरात के महत्वपूर्ण दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस उच्च-स्तरीय दौरे का प्राथमिक उद्देश्य हरियाणा में औद्योगिक विस्तार और नए निवेश को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। सरकार ने इस मिशन के जरिए राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे प्रदेश में रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
सूरत और गांधीनगर में निवेश का महामंथन
मुख्यमंत्री नायब सैनी मंगलवार को सूरत में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें (वन-टू-वन मीटिंग) करेंगे। इन बैठकों में विशेष रूप से उन उद्योगों पर चर्चा होगी जो हरियाणा में अपनी नई इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं या मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। सूरत के कपड़ा और हीरा उद्योग के दिग्गजों के साथ हरियाणा की लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग नीतियों पर भी विस्तृत संवाद होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रवासी मिलन समारोह में शामिल होंगे, जहाँ वे गुजरात में रह रहे हरियाणवी समुदाय को प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेंगे।
| कार्यक्रम का विवरण | स्थान | प्रमुख उद्देश्य |
|---|---|---|
| निवेशक व्यक्तिगत बैठकें | सूरत | औद्योगिक विस्तार एवं नई इकाइयां |
| प्रवासी मिलन समारोह | सूरत | हरियाणवी समुदाय से संवाद |
| हरियाणा निवेश रोड शो | गांधीनगर | औद्योगिक अवसंरचना का प्रदर्शन |
| रणनीतिक लक्ष्य | संपूर्ण हरियाणा | ₹5 लाख करोड़ का निवेश निवेश |
औद्योगिक नीतियों और अवसंरचना का प्रदर्शन
दौरे के दूसरे चरण में गांधीनगर में एक भव्य 'हरियाणा निवेश रोड शो' आयोजित किया जाएगा। इस रोड शो के दौरान हरियाणा सरकार के प्रतिनिधि राज्य की मजबूत औद्योगिक अवसंरचना, निर्बाध कनेक्टिविटी (जैसे केएमपी एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर) और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता को निवेशकों के सामने रखेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल इस पूरे अभियान के रणनीतिकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि हरियाणा की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' नीति निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है।
"हरियाणा आज निवेश के लिए देश का सबसे पसंदीदा राज्य बनकर उभरा है। हमारा लक्ष्य न केवल बड़े उद्योगों को लाना है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के द्वार खोलना है। गुजरात के उद्योगपति हरियाणा की नीतियों और कार्यसंस्कृति पर अटूट भरोसा रखते हैं।"
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री के इस दौरे को उनकी सरकार के हालिया निर्णयों से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में सैनी सरकार ने प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों में 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' (GCC) बनाने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, स्वीडन मिशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक दौरों के माध्यम से हरियाणा अपनी वैश्विक पहचान बना रहा है। सरकार का ध्यान सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। गुजरात के निवेशकों को हरियाणा में उपलब्ध सस्ती बिजली, पारदर्शी भूमि आवंटन प्रक्रिया और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
प्रशासनिक तैयारी और आगामी कदम
इस निवेश अभियान को सफल बनाने के लिए हरियाणा सिविल सचिवालय और उद्योग विभाग ने व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद कई बड़े औद्योगिक समूहों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो भी निवेशक हरियाणा आने की इच्छा जताता है, उसे जमीन से लेकर लाइसेंस तक की प्रक्रिया में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े। यह दौरा हरियाणा के आर्थिक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।





