हरियाणा में सरकारी नौकरियों की राह देख रहे कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास युवाओं के बीच बेचैनी बढ़ती जा रही है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं के स्पष्ट न होने और सरकार द्वारा घोषित लाभों के क्रियान्वयन में हो रही देरी ने अभ्यर्थियों को अब मुख्यमंत्री के द्वार तक पहुँचा दिया है। ताज़ा मामले में, पानीपत निवासी एक CET क्वालिफाइड अभ्यर्थी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश (Detailed Guidelines) जारी करने की पुरजोर मांग की है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित CET परीक्षा को पास करने वाले हजारों युवाओं का भविष्य वर्तमान में अधर में लटका हुआ महसूस हो रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने समय-समय पर विभिन्न लाभों और आरक्षण नीतियों की घोषणा तो की है, लेकिन उनके जमीनी स्तर पर लागू होने के लिए आवश्यक आधिकारिक अधिसूचना और विस्तृत नियम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
पानीपत के अभ्यर्थी की मुख्यमंत्री से गुहार और पत्र के मुख्य बिंदु
पानीपत के रहने वाले युवा अभ्यर्थी युवराज सिंह मारवाह ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को लिखे अपने पत्र में युवाओं की उन समस्याओं को रेखांकित किया है, जो परीक्षा पास करने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया में आ रही हैं। युवराज के अनुसार, अभ्यर्थी केवल आश्वासन नहीं, बल्कि एक ठोस कार्ययोजना और वैधानिक दिशा-निर्देश चाहते हैं। पत्र में विशेष रूप से उन लाभों का उल्लेख किया गया है जो सामाजिक-आर्थिक आधार या अन्य श्रेणियों के तहत युवाओं को मिलने थे।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | हरियाणा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) |
| पत्राचार का मुख्य केंद्र | पानीपत, हरियाणा |
| मांगकर्ता | युवराज सिंह मारवाह (CET अभ्यर्थी) |
| संबोधित अधिकारी | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी |
| प्रमुख मांग | भर्ती लाभों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करना |
प्रशासनिक देरी और युवाओं में पनपता असंतोष
हरियाणा की राजनीति और समाज में रोजगार हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। CET परीक्षा के लागू होने के बाद से ही इसमें कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें आती रही हैं। कभी सामाजिक-आर्थिक अंकों का विवाद तो कभी ग्रुप सी और डी की नियुक्तियों में वरीयता का मामला, इन सबने युवाओं को मानसिक तनाव में डाल दिया है। पानीपत से उठी यह आवाज दरअसल पूरे प्रदेश के उन लाखों युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है जो रोज़ाना सरकारी दफ्तरों और पोर्टल की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखते हैं।
"मुख्यमंत्री जी, प्रदेश के युवा योग्यता के आधार पर नौकरी चाहते हैं। हमने परीक्षा पास की है, लेकिन स्पष्ट नियमों के अभाव में हमारी मेहनत और भविष्य दोनों संकट में हैं। कृपया जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया के लाभों की विस्तृत गाइडलाइंस जारी करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।"
स्थानीय जनजीवन और रोजगार परिदृश्य पर प्रभाव
पानीपत, करनाल और सोनीपत जैसे जिलों में कोचिंग हब और युवाओं की बड़ी संख्या है जो सरकारी सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में देरी न केवल आर्थिक रूप से परिवारों को प्रभावित करती है, बल्कि युवाओं के मनोबल को भी तोड़ती है। जानकारों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही इस पर स्पष्टीकरण नहीं देती, तो युवाओं का आक्रोश आने वाले समय में प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से बड़ी चुनौती बन सकता है।
अगले कदम और संभावित सरकारी कार्रवाई
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेजे गए इस पत्र के बाद अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नायब सैनी जल्द ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित भर्तियों और उनके नियमों पर चर्चा कर सकते हैं। सरकार पर दबाव है कि वह आचार संहिता या अन्य तकनीकी कारणों से पहले ही इन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करे ताकि युवाओं को दीपावली के बाद नियुक्तियों का वास्तविक उपहार मिल सके।





