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हरियाणा में बस किराया बढ़ाने की तैयारी: प्राइवेट ऑपरेटर्स ने मंत्री अनिल विज को सौंपा मांग पत्र, ₹2 प्रति किमी की दर प्रस्तावित

हरियाणा में बस का सफर महंगा हो सकता है। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने मंत्री अनिल विज से मिलकर किराया ₹2 प्रति किमी करने और वार्षिक समीक्षा तंत्र बनाने की मांग की है।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
27 अक्टूबर 2026 को 09:25 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में बस किराया बढ़ाने की तैयारी: प्राइवेट ऑपरेटर्स ने मंत्री अनिल विज को सौंपा मांग पत्र, ₹2 प्रति किमी की दर प्रस्तावित
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा के प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने परिवहन मंत्री अनिल विज से मुलाकात कर यात्री किराया बढ़ाने की आधिकारिक मांग की है।
  • •एसोसिएशन का दावा है कि 15 मई 2020 के बाद से प्रदेश में बस किराए में कोई संशोधन नहीं हुआ है, जिससे घाटा बढ़ रहा है।
  • •बढ़ते डीजल, बीमा प्रीमियम और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों के मद्देनजर ₹2 प्रति किलोमीटर की दर प्रस्तावित की गई है।
  • •ऑपरेटर्स ने महंगाई के आधार पर हर साल बस किराए की समीक्षा के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने की अपील की है।

हरियाणा में आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के निजी बस संचालकों ने राज्य सरकार से यात्री किराए में तत्काल वृद्धि करने की मांग की है। 'स्टेज कैरिज ट्रांसपोर्ट सोसाइटीज एवं प्राइवेट बस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन' के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. धन सिंह के नेतृत्व में ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि मौजूदा किराया दरों पर बसों का संचालन करना अब आर्थिक रूप से घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

4 साल से स्थिर किराया और बढ़ती महंगाई का हवाला

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंत्री अनिल विज को अवगत कराया कि हरियाणा में आखिरी बार यात्री किराए में संशोधन 15 मई, 2020 को किया गया था। पिछले साढ़े चार वर्षों में डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही टायर, इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स और बसों की मरम्मत पर होने वाला खर्च भी दोगुना हो चुका है। डॉ. धन सिंह ने तर्क दिया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन की आर्थिक व्यवहार्यता बनाए रखने के लिए समय-समय पर किराए की समीक्षा अनिवार्य है, लेकिन हरियाणा में इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।

लागत कारक (Cost Factors)2020 की स्थिति2024 की वर्तमान स्थितिप्रभाव
डीजल की औसत दर~₹71 प्रति लीटर~₹90+ प्रति लीटरपरिचालन लागत में 25% वृद्धि
बीमा प्रीमियम (Third Party)न्यूनतमउच्चतम दरेंवार्षिक खर्च में भारी बढ़ोतरी
कर्मचारियों का वेतनपुराना ढांचान्यूनतम वेतन वृद्धिसाफ-साफ वित्तीय दबाव
प्रस्तावित किराया दरमौजूदा दर₹2 प्रति किलोमीटरएसोसिएशन की मुख्य मांग

अनिल विज के सामने रखा ₹2 प्रति किमी का प्रस्ताव

प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने वर्ष 1993 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उस समय किराया दर 22 पैसे प्रति किलोमीटर निर्धारित थी। अब वर्तमान महंगाई और वास्तविक परिचालन खर्चों (Operational Costs) का आकलन करते हुए एसोसिएशन ने ₹2 प्रति किलोमीटर की दर लागू करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मांग की कि सरकार आधिकारिक आंकड़ों और पारदर्शी गणना पद्धति (Calculation Methodology) के आधार पर इस दर की पुष्टि करे। साथ ही, संचालकों ने सुझाव दिया कि हर साल महंगाई और ईंधन की कीमतों के आधार पर किराए में स्वतः संशोधन की एक फिक्स्ड प्रणाली विकसित की जाए ताकि बार-बार हड़ताल या मांग की स्थिति पैदा न हो।

"डीजल, टोल टैक्स और बसों के रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि किराया वर्षों से स्थिर है। आय और खर्च के बीच बढ़ता यह अंतर बस संचालन को अव्यावहारिक बना रहा है। यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो निजी बस सेवा पूरी तरह ठप हो सकती है।" - डॉ. धन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन

आम जनता और स्थानीय जनजीवन पर संभावित असर

यदि हरियाणा सरकार प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की इस मांग को स्वीकार करती है, तो इसका सीधा असर जीटी रोड बेल्ट सहित पूरे हरियाणा के लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। पानीपत, करनाल, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों से रोजाना हजारों की संख्या में छात्र, कर्मचारी और मजदूर वर्ग निजी बसों में सफर करते हैं। किराए में प्रस्तावित वृद्धि से मासिक बजट बिगड़ सकता है। हालांकि, बस संचालकों का कहना है कि बेहतर सेवा और सुरक्षित सफर के लिए किराए में बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है क्योंकि पुराने किराए पर बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना कठिन हो रहा है।

प्रशासनिक रुख और आगामी कार्रवाई

मंत्री अनिल विज ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। परिवहन विभाग अब एसोसिएशन द्वारा दिए गए आंकड़ों की तुलना रोडवेज के परिचालन खर्च से करेगा। विभाग यह देखेगा कि क्या वास्तव में किराया बढ़ाना अनिवार्य है या फिर अन्य विकल्पों के जरिए संचालकों को राहत दी जा सकती है। फिलहाल, गेंद सरकार के पाले में है और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ समन्वय के बाद इस पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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