हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): जींद जिले के उचाना क्षेत्र के पालवां गांव की बेटी संगीता ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर प्रदेशभर में रोशन किया है। किसान नेता आजाद की बेटी संगीता ने हरियाणा असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
संगीता इससे पहले ज्यूडिशियरी (न्यायिक सेवा) की परीक्षाओं में मामूली अंकों से चूक गई थीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी तैयारी निरंतर जारी रखी, जिसका परिणाम अब उनके सामने है।। ज्यूडिशयरी की असफलता को पीछे छोड़ तय किया सफर संगीता ने बताया कि उन्होंने हरियाणा ज्यूडिशियरी (सिविल जज) की परीक्षा दी थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाईं।। इसके बाद उन्होंने राजस्थान ज्यूडिशियरी का एग्जाम भी दिया, जिसमें वह मात्र आधे अंक से चूक गई थीं।। शुरुआती दौर में लगातार असफलता मिलने पर निराशा जरूर हुई, लेकिन उनके पिता आजाद ने हमेशा उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी तैयारी जारी रखने की प्रेरणा दी।।
| परीक्षा विवरण | विवरण / आंकड़े |
|---|---|
| भर्ती पद | हरियाणा एडीए (255 पद) |
| मेन्स अंक | 87.5 अंक |
| इंटरव्यू अंक | 12.5 अंक |
| परिणाम | प्रदेश में प्रथम स्थान |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
पिता के इसी अटूट विश्वास और मार्गदर्शन के चलते संगीता ने एडीए परीक्षा में ऑल हरियाणा टॉप किया।। माता-पिता का सहयोग और युवाओं के लिए संदेश संगीता के गांव पालवां में उनकी इस उपलब्धि पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।। इस दौरान संगीता ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि असफलता और निराशा जीवन का एक हिस्सा हैं, जो समय-समय पर आती रहेंगी, लेकिन अपने सतत प्रयास कभी नहीं छोड़ने चाहिए।। यदि आप लगातार मेहनत करते रहेंगे, तो एक दिन सफलता जरूर आपके कदम चूमेगी।। "मुझे अपनी बेटी पर गर्व है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं हैं।। संगीता की सालों की कड़ी मेहनत का परिणाम आज हमारे सामने है।। मुझे पूरा विश्वास है कि वह जल्द ही जज बनने का अपना सपना भी पूरा करेगी।" — आजाद, संगीता के पिता भविष्य की योजनाएं और प्रशासनिक सफलता एडीए परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाली संगीता का मुख्य सपना अभी भी जज बनना ही है।। संगीता की मां ने भी इस अवसर पर समाज को संदेश देते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटा और बेटी में कभी कोई भेदभाव नहीं किया।। माता-पिता का यह सोचना है कि हर बेटी को उच्च शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि वे अपने सभी सपने पूरे कर सकें।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





