राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साइबर सिटी गुरुग्राम में निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली गंभीर लापरवाहियां एक बार फिर आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आई हैं। शहर के बेहद पॉश और विकसित माने जाने वाले सुशांत लोक फेज-1 इलाके में एक निजी भूखंड पर नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। इस गैर-जिम्मेदाराना हरकते के कारण चंद मिनटों में ही एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, हालांकि इसने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद जरूर उड़ा दी है। सी-ब्लॉक क्षेत्र में इस अनियोजित निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के तमाम प्रावधानों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था, जिसका खामियाजा आसपास के रिहायशी मकानों को भुगतना पड़ा।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जरा सी चूक से बहुमंजिला इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो सकती थी। जैसे ही घटना की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन और जिला नगर योजनाकार विभाग तक पहुंची, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। तुरंत प्रभाव से राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके। इस मामले ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और ग्राउंड लेवल पर प्रशासनिक निगरानी की पोल खोलकर रख दी है, जिससे नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।
घटना का सिलसिलेवार घटनाक्रम और प्रत्यक्षदर्शियों का खौफनाक मंजर
सोमवार की रात सुशांत लोक-1 के सी-ब्लॉक में उस वक्त अचानक कोहराम मच गया जब एक खाली पड़े भूखंड पर जेसीबी मशीन के जरिए भारी मात्रा में मिट्टी हटाई जा रही थी। नींव के लिए की जा रही इस बेहद गहरी खुदाई के वक्त न तो सपोर्ट वाल का प्रबंध किया गया और न ही शॉरिंग तकनीक का इस्तेमाल हुआ। नतीजतन, बगल में ही शान से खड़ी लगभग बनकर तैयार हो चुकी पांच मंजिला आलीशान इमारत की नींव अपनी जगह से खिसक गई। देखते ही देखते इस भारी-भरकम ढांचे का संतुलन बिगड़ गया और पूरी इमारत एक तरफ करीब दो से ढाई इंच तक झुक गई।
ढंचे के अचानक तिरछे होने और दीवारों में चटकने की आवाजें आने से वहां काम कर रहे मजदूरों और पास-पड़ोस के लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। गनीमत यह रही कि यह घटना रात के वक्त हुई और स्थानीय सतर्क निवासियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन कर दिया। यदि कुछ पल की भी और देरी होती, तो यह पांच मंजिला इमारत जमींदोज हो सकती थी, जिसके अंदर और आसपास कई परिवार सो रहे थे।
| घटना के मुख्य बिंदु | विवरण एवं तथ्य |
|---|---|
| घटना स्थल | प्लॉट नंबर 1770, सी-ब्लॉक, सुशांत लोक फेज-1, गुरुग्राम |
| प्रभावित ढांचा | लगभग तैयार पांच मंजिला निर्माणाधीन आवासीय इमारत (जो 2.5 इंच झुकी) |
| सुरक्षित निकाले गए लोग | आसपास के 3 मकानों में रह रहे 20 से अधिक नागरिक |
| कानूनी कार्रवाई | प्लॉट मालिक, ठेकेदार और जेसीबी ऑपरेटर के खिलाफ सुशांत लोक थाने में FIR दर्ज |
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा घेरा
सूचना मिलते ही सुशांत लोक थाना पुलिस बिना एक पल गंवाए दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की नजाकत को भांपते हुए सबसे पहले एहतियाती कदम उठाया। झुकी हुई पांच मंजिला इमारत के ठीक नजदीक और उसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले तीन अन्य रिहायशी मकानों को तत्काल प्रभाव से खाली कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस बल की मौजूदगी में इन मकानों के अंदर सो रहे तथा रह रहे 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण एक बड़ा जनहानि का संकट टल गया। इस बीच, जिला नगर योजनाकार (DTCP) विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक मुआयने के बाद अधिकारियों का कहना है कि इस झुकी हुई और खतरनाक बन चुकी इमारत के स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भवन की तकनीकी स्थिरता की जांच पूरी होने तक पूरे क्षेत्र को पुलिस निगरानी में रखा गया है और इस असुरक्षित ढांचे को सील करने की पुख्ता तैयारी की जा रही है।
"प्लॉट पर बेसमेंट की खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी, जिसके कारण बगल की इमारत का संतुलन बिगड़ गया। पीड़ित मकान मालिक की शिकायत पर प्लॉट मालिक, ठेकेदार और जेसीबी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी, गुरुग्राम
स्थानीय नागरिकों में रोष और भविष्य के खतरे
इस सनसनीखेज हादसे के बाद से सुशांत लोक और आसपास के इलाकों के रेजिडेंट्स में बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिले-जुले भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के चलते आवासीय क्षेत्रों में बिना किसी तकनीकी अनुमति या सुरक्षा के अंधाधुंध बेसमेंट खोदे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ऐसे अवैध निर्माणों पर समय रहते सख्त पाबंदी नहीं लगाता है, तो गुरुग्राम के पॉश इलाके आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे के गवाह बन सकते हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि शहरभर में चल रहे ऐसे तमाम निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नींव खोदने वाले बिल्डर इंजीनियरों की सलाह और तय गाइडलाइंस का पालन कर रहे हैं या नहीं। स्थानीय आरडब्ल्यूए ने भी प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कानूनी शिकंजा और आगामी प्रशासनिक कदम
पुलिस ने इस मामले में केवल जुबानी खानापूर्ति करने के बजाय कानूनी डंडा सख्ती से चलाया है। प्लॉट के मालिक, निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे मुख्य ठेकेदार और मौके पर मौजूद जेसीबी मशीन के चालक के खिलाफ सुशांत लोक थाने में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद इस दायरे में अन्य दोषियों या इंजीनियरों को भी नामजद किया जा सकता है।
जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी अब यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इस तरह की लापरवाही करने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएं और शहर में अन्य स्थानों पर चल रही ऐसी गहरी खुदाइयों की तत्काल चेकिंग हो। कानून के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में गैर-इरादतन हत्या या जनजीवन को खतरे में डालने की धाराएं जुड़ने से आरोपियों की मुश्किलें काफी बढ़ने वाली हैं।





