हरियाणा के सोनीपत जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र गोहाना को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर परिषद ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों और स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को ध्यान में रखते हुए गोहाना में अब 'डे-नाइट स्वीपिंग' (दिन-रात सफाई) की व्यवस्था लागू की जा रही है। करीब 25 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के माध्यम से शहर की मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले बाजारों को रात के समय भी साफ किया जाएगा, ताकि सुबह होते ही नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
गोहाना की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती जनसंख्या के दबाव के कारण वर्तमान सफाई व्यवस्था पर काफी बोझ है। विशेष रूप से शहर के बाजारों में दिन के समय अत्यधिक भीड़ होने के कारण गहन सफाई करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने निजी एजेंसी को दीर्घकालिक ठेका देने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत न केवल सफाई की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अत्याधुनिक मशीनों और अतिरिक्त श्रमबल का उपयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा।
गोहाना स्वच्छता प्रोजेक्ट: एक नजर में मुख्य आंकड़े
| विवरण | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| कुल प्रोजेक्ट लागत | लगभग ₹25 करोड़ |
| अनुबंध की अवधि | 05 वर्ष (प्रस्तावित) |
| सफाई योग्य कुल क्षेत्र | 192 किलोमीटर (सड़कें व गलियां) |
| वर्तमान सफाई कर्मचारी | 92 कर्मचारी |
| आवश्यक कर्मचारी (अनुमानित) | 200 से अधिक |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | बाजार, मुख्य सड़कें और जीटी रोड कनेक्टिविटी |
श्रमबल की कमी और कार्यक्षमता में वृद्धि का लक्ष्य
वर्तमान में गोहाना नगर परिषद के पास संसाधनों की भारी कमी है। पूरे शहर में फैली लगभग 192 किलोमीटर लंबी गलियों और सड़कों की सफाई का जिम्मा केवल 92 सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। प्रशासनिक मानकों और जनसंख्या के अनुपात को देखें तो शहर को कम से कम 200 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। आधे से भी कम कर्मचारियों के साथ पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना परिषद के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा था।
इसी कमी को पूरा करने के लिए नगर परिषद ने अब आउटसोर्सिंग का रास्ता अपनाया है। पहले इस तरह के टेंडर केवल एक वर्ष के लिए दिए जाते थे, जिससे एजेंसियों की गंभीरता कम रहती थी। लेकिन अब इसे 5 साल के लिए प्रस्तावित किया गया है, ताकि एजेंसी बुनियादी ढांचे और मशीनों में निवेश कर सके और शहर को दीर्घकालिक लाभ मिले।
"शहर की स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गोहाना के बाजारों में दिन के समय भीड़ के कारण सफाई में बाधा आती थी, इसलिए हमने डे-नाइट स्वीपिंग का प्रस्ताव तैयार किया है। ₹25 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की फाइल मुख्यालय भेज दी गई है। वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।" - रजनी विरमानी, चेयरपर्सन, नगर परिषद गोहाना।
व्यापारियों और आम नागरिकों को मिलेगा बड़ा लाभ
रात के समय सफाई होने का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय व्यापारियों को होगा। अक्सर सुबह दुकान खोलते समय कूड़े के ढेर और धूल की समस्या का सामना करना पड़ता था। रात में मशीनों द्वारा सड़कों की सफाई और कूड़ा उठान होने से सुबह बाजार पूरी तरह फ्रेश नजर आएंगे। इसके अलावा, गोहाना की मुख्य सड़कों पर धूल के कणों (PM 10) के स्तर में भी कमी आएगी, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
प्रशासनिक प्रक्रिया और आगामी कदम
नगर परिषद गोहाना ने इस योजना का विस्तृत खाका (DPR) तैयार कर स्थानीय निकाय विभाग के पंचकूला स्थित मुख्यालय को भेज दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बजट को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलते ही ई-टेंडरिंग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से एजेंसी का चयन किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा सरकार के 'स्वच्छ हरियाणा-स्वस्थ हरियाणा' अभियान के तहत एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।





