फरीदाबाद: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी में करवाचौथ के पावन पर्व के दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर पूरा देश सुहाग की लंबी उम्र की कामना कर रहा था, वहीं फरीदाबाद में एक पति ने पारिवारिक कलह और वैवाहिक विवाद से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की। 36 वर्षीय अमरजीत ने घर में रखा तेजाब पी लिया, जिसके बाद उसे बेहद गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है।
यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह वैवाहिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और संवादहीनता की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। अमरजीत, जो पेशे से राजमिस्त्री है, पिछले काफी समय से अपनी पत्नी सुमन के साथ चल रहे विवाद के कारण मानसिक रूप से टूट चुका था। परिजनों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ चुका था कि दोनों के बीच तलाक की बात चल रही थी, लेकिन कानूनी और व्यक्तिगत पेचीदगियों के कारण समाधान नहीं निकल पा रहा था।
विवाद की पृष्ठभूमि और करवाचौथ का खौफनाक घटनाक्रम
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अमरजीत पिछले पांच दिनों से अचानक घर से लापता हो गया था। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। वीरवार सुबह जब वह घर लौटा, तो परिवार को लगा कि स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन घर पहुँचते ही एक बार फिर पत्नी के साथ पुराने मुद्दों पर विवाद छिड़ गया। बताया जा रहा है कि अमरजीत की पत्नी सुमन, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत है, पिछले कुछ समय से अपने मायके अमृतसर में रह रही थी।
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| पीड़ित का नाम और आयु | अमरजीत (36 वर्ष) |
| निवासी | नेहरू कॉलोनी, फरीदाबाद |
| पेशा | राजमिस्त्री |
| विवाह की अवधि | 12 वर्ष (दो बच्चे) |
| विवाद का मुख्य कारण | वैवाहिक अनबन और तलाक की मांग |
| वर्तमान स्थिति | दिल्ली रेफर (गंभीर हालत) |
अमरजीत के चचेरे भाई सुरेश ने बताया कि अमरजीत अपनी पत्नी से अलग होना चाहता था और लंबे समय से तलाक की मांग कर रहा था। भाई का दावा है कि सुमन तलाक देने को तैयार नहीं थी, जबकि दोनों के बीच सामंजस्य पूरी तरह खत्म हो चुका था। वीरवार को विवाद बढ़ने पर अमरजीत ने आवेश में आकर घर में रखा तेजाब पी लिया। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगा, तब परिजनों को मामले की गंभीरता का पता चला।
पुलिस की भूमिका और कानूनी कार्यवाही
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता फिलहाल युवक की जान बचाना है।
"डबुआ थाना प्रभारी सुमेर के अनुसार, फिलहाल पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। युवक का इलाज दिल्ली में चल रहा है। जैसे ही शिकायत प्राप्त होगी या युवक बयान देने की स्थिति में होगा, नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य का बढ़ता संकट
यह मामला समाज के उस हिस्से की ओर इशारा करता है जहाँ पुरुष भी घरेलू कलह और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होते हैं। 12 साल की शादी और दो बच्चों के होने के बावजूद, रिश्तों में आई कड़वाहट ने एक पिता को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) की कमी अक्सर त्रासदी का कारण बनती है।
आगे की स्थिति और प्रशासनिक रुख
अमरजीत को फरीदाबाद के बीके अस्पताल से दिल्ली रेफर किया गया है जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। तेजाब के सेवन से शरीर के आंतरिक अंगों को गंभीर क्षति पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। फरीदाबाद पुलिस प्रशासन अब इस मामले में अमृतसर में रह रही उसकी पत्नी और अन्य परिजनों से पूछताछ कर सकती है ताकि विवाद की असली वजह और उकसावे के पहलुओं की जांच की जा सके।





