हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Sumit kumar Success Story : मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है और जो मुश्किलों के आगे घुटने नहीं टेकते।। हरियाणा की मंडियों में किसानों की सुविधा और फसलों की सुचारू खरीद को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मंडियों में फसल आवक, खरीद व एमएसपी दरें
मंडियों में फसल की आवक लगातार जारी है और खरीद एजेंसियों द्वारा तय मानकों के अनुसार खरीद की जा रही है। हरियाणा के हिसार जिले के गांव खारिया के सुमित कुमार ने इस कहावत को सच कर दिखाया है।। भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना लेकर निकले सुमित को लगातार आठ बार SSB इंटरव्यू में असफलता मिली।। NDA में चयन का मौका भी हाथ से निकल गया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी।।
| मंडी व कृषि विवरण | वर्तमान स्थिति, दरें व प्रबंध |
|---|---|
| फसल / संदर्भ | 8 बार SSB में फेल, 9वीं कोशिश में इतिहास! गांव का पहला लेफ्ट |
| प्रमुख मंडियां | हरियाणा की संबंधित अनाज मंडियां |
| खरीद व्यवस्था | न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत सुचारू |
| भुगतान माध्यम | डीबीटी द्वारा सीधा बैंक खाते में |
किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश व भुगतान व्यवस्था
किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधा भुगतान भेजा जा रहा है। खरीद के साथ-साथ मंडियों से फसल के उठान की गति भी तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं। आखिरकार मेहनत रंग लाई और UPSC की CDS परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल कर उन्होंने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली।। सुमित कुमार की इस कामयाबी से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे गांव में जश्न जैसा माहौल है।। किसान भीम सिंह और कृष्णा देवी के बेटे सुमित अब अपने गांव से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने वाले पहले युवा होंगे।। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन और बार-बार मिलने वाली असफलताएं भी मजबूत इरादों के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।।
मौसम, खाद-बीज और फसल सुरक्षा के उपाय
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फसलों की देखभाल करने और आगामी बिजाई के लिए प्रमाणित बीजों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।
प्रशासनिक प्रबंध और उठान की स्थिति
मार्केट कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में बारदाने, पेयजल और किसानों के विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने NDA की तैयारी शुरू की।। इस दौरान उन्हें कई बार SSB इंटरव्यू में असफलता का सामना करना पड़ा।। लगातार आठ प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा।। एक बार SSB में सफल होने के बाद उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर 506वीं रैंक मिली थी, लेकिन NDA में कुल 400 सीटें होने के कारण उनका चयन नहीं हो पाया।।





