हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 10,757 गेस्ट टीचर नौकरी पक्की कराने की मांग को लेकर आज सोमवार को फिर न्याय रैली निकालेंगे।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसके बाद वो अपने पहले पड़ाव शाहबाद पह रात्रि ठहराव शाहबाद स्थित शहीद उदम सिंह समारक में किया।। यहां गुरुद्वारा मंजी साहिब (कार सेवा) की ओर से लंगर भेजा गया।। अब वो शाहबाद से चंडीगढ़ कूच करेंगे।। इससे पहले रविवार को गेस्ट टीचरों ने जीटी रोड पर ही पिपली मिनी जू के पास रोड जाम किया।।
| न्यायिक बिंदु | अदालत व मामले का विवरण |
|---|---|
| संबंधित न्यायालय / पीठ | अंबाला ज़िला एवं सत्र न्यायालय |
| मुकदमा / याचिका संदर्भ | हरियाणा के गेस्ट टीचरों की दूसरे दिन न्याय रैली |
| प्रमुख आंकड़े / राशि / तथ्य | 26 अक्टूबर, 1 नवंबर, 28 मई, 6% |
| अदालत का ताज़ा आदेश | याचिका / अर्जी अदालत द्वारा खारिज, ट्रायल जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
15 मिनट तक मुख्य सड़क मार्ग जाम रहा।। लेडी गेस्ट टीचर्स सड़क पर ही छाती पीट-पीट सीएम-पीएम के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।। टीचर्स की रैली के चलते जीटी रोड पर गाड़ियों की कतारें लग गई थी।। जानिए, गेस्ट टीचर्स की क्या हैं मांगें और आगे क्या करेंगे… 2014 की नीति के तहत नियमित करने की मांग गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के स्टेट प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि सरकार 2014 में बनाई गई तीन साल की नियमितीकरण नीति लागू करे।। जो शिक्षक इसकी शर्तें पूरी करते हैं, उनकी सेवाएं नियमित की जाएं।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी प्रावधानों को गंभीरता से परखा गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस अदालती निर्देश का सीधा प्रभाव केस की आगामी सुनवाई और आगे की कानूनी कार्यवाही पर पड़ेगा। संबंधित पक्षों की निगाहें अब अदालत के आगामी आदेशों पर टिकी हैं।
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, इसलिए सरकार को नियमितीकरण पर जल्द फैसला लेना चाहिए।। वे जून 2014 से मिलने वाले लाभ भी देने की मांग कर रहे हैं।। 26 अक्टूबर को विधायकों-मंत्रियों को देंगे ज्ञापन गेस्ट टीचर्स ने आंदोलन आगे भी जारी रखने की तैयारी की है।। 26 अक्टूबर को विधायकों और मंत्रियों को मांगों का ज्ञापन सौंपने की योजना है।। इसके बाद 1 नवंबर को गुरुग्राम, कैथल, अंबाला, करनाल, हिसार और रोहतक में रैलियां करने की तैयारी है।। कोर्ट के फैसले के अनुसार 28 मई 2014 से नियमित मानने की मांग गेस्ट टीचर्स के प्रवक्ता डॉ. अजय लोहान के मुताबिक, उनकी मांग है कि अदालत के फैसलों के अनुसार शिक्षकों को 28 मई 2014 से नियमित माना जाए।। उनका कहना है कि नियमितीकरण की तारीख से बकाया राशि पर 6% ब्याज, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय लाभ दिए जाएं।। शिक्षक नए नियमों में EPF, वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल लीव और नियमितीकरण का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने पर भी आपत्ति जता रहे हैं।। 23 जून से लघु सचिवालय में धरना जारी राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया, बलजीत सिंह ढिल्लों और कुलदीप कुमार के मुताबिक, नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है।। शिक्षक चाहते हैं कि सरकार नियमितीकरण से जुड़े अदालती आदेशों को लागू करे।। ऐसे शुरू हुआ गेस्ट टीचर्स का पूरा विवाद… 2005-06 में खाली पदों पर हुई थी नियुक्ति सरकार ने कहा- नियुक्तियां अस्थायी व्यवस्था के तहत हुईं हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार ने दलील दी कि शिक्षकों की नियुक्तियां अस्थायी व्यवस्था के तौर पर की गई थीं।। वे नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नहीं हुए, इसलिए उन्हें स्थायी करने का दावा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।। हालांकि, उपलब्ध विवरण के मुताबिक, हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया।। हाईकोर्ट ने रेगुलर करने के दिए थे आदेश परमानेंट होने के बाद ये लाभ मिलेगा This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





