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ट्रैक पर दौड़ती हरियाणा की 10 साल की उड़नपरी हरनूर, 3 साल में जीत लिए 215 पदक; पीटी उषा बनने का सपना - 10yearold harnoor from haryana runs on the track wins 215 medals in 3 years dreams of becoming pt usha

यमुनानगर की 10 वर्षीय हरनूर तोमर ने मात्र तीन साल में 215 पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया ...और पढ़ें हरियाणा की 10 साल की उड़नपरी हरनूर।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
28 अक्टूबर 2026 को 02:32 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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ट्रैक पर दौड़ती हरियाणा की 10 साल की उड़नपरी हरनूर, 3 साल में जीत लिए 215 पदक; पीटी उषा बनने का सपना
 - 10yearold harnoor from haryana runs on the track wins 215 medals in 3 years dreams of becoming pt usha
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •यमुनानगर की 10 वर्षीय हरनूर तोमर ने मात्र तीन साल में 215 पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रत...
  • •प्रशासनिक व संबंधित विभाग ने मामले पर लिया त्वरित संज्ञान, जांच जारी।
  • •यमुनानगर सहित प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर रखी जा रही है निरंतर नजर।
  • •विस्तृत तथ्यों व अग्रिम अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): यमुनानगर की 10 वर्षीय हरनूर तोमर ने मात्र तीन साल में 215 पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया ...और पढ़ें हरियाणा की 10 साल की उड़नपरी हरनूर तोमर।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?

रोज सुबह 3:30 बजे उठकर करती हैं अभ्यास।। पीटी उषा और पिता से मिली ओलिंपिक प्रेरणा।। जब ज्यादातर बच्चे सुबह गहरी नींद में होते हैं, तब जगाधरी के केसरनगर की 10 वर्षीय हरनूर तोमर अपने ख्वाब हकीकत में बदलने के लिए मैदान में पसीना बहा रही होती हैं।। आंखों में ओलिंपिक में पदक जीतने का अरमान लिए हरनूर रोज तड़के साढ़े तीन बजे बिस्तर छोड़ देती हैं, फिर चार बजे तेजली स्टेडियम में अभ्यास करती हैं।।

समाचार बिंदुताज़ा विवरण व स्थिति
मुख्य घटनाक्रमट्रैक पर दौड़ती हरियाणा की 10 साल की उड़नपरी हरनूर, 3 स
संबंधित क्षेत्र / ज़िलायमुनानगर
संबंधित संस्था / विभागसंबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन
प्रमुख तथ्य व आंकड़े10 साल, 3 साल, 215 पद

अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?

इसी लगन में पहले कोच एवं पुराने एथलीट रहे पिता पदम से संघर्ष व अनुशासन सीखकर हरनूर सिर्फ तीन साल में 215 (90 ट्राफी व 125 मेडल) पुरस्कार अपने नाम कर चुकी हैं।। इनमें 15 राष्ट्रीय व 50 से अधिक राज्य स्तरीय पुरस्कार शामिल हैं।। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर हरनूर की कहानी मेहनत, संघर्ष व अनुशासन की ऐसी मिसाल है, जो दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती है।। सेक्टर-18 स्थित लोटस वैली स्कूल में पांचवीं कक्षा की हरनूर की दिनचर्या किसी पेशेवर खिलाड़ी से कम नहीं है।। सुबह साढ़े सात बजे अभ्यास से घर लौटने पर वह स्कूल जाती है।।

'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर

इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

दोपहर ढाई बजे घर लौटकर चार बजे ट्यूशन व शाम छह से आठ बजे तक जिम्नास्टिक का अभ्यास करती हैं।। खेल के प्रति समर्पण को देख स्कूल ने उसे 15-20 मिनट देरी से पहुंचने की छूट भी दी है।। हाल ही में नौ अक्टूबर को दैनिक रियलिटी की ओर से प्रेरणा सप्ताह के तहत तेजली स्टेडियम में आयोजित मैराथन में भी हरनूर ने अपने से दो से तीन गुना अधिक उम्र की प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर पहला स्थान पाया।। हरनूर को खेल की प्रेरणा अपने पिता पदम से मिली, जो खुद एथलीट रहे और जिला स्तर पर कई पदक जीतकर राज्य स्तर पर खेल चुके हैं।। पदम ने कोच बनने के लिए एनआइएस कोर्स किया और फिलहाल बीपीएड कर रहे हैं।। सरकारी कोच या स्कूल में पीटीआइ बनने का लक्ष्य रखने वाले पदम तेजली स्टेडियम में खिलाड़ियों व सेना में भर्ती के इच्छुक किशोरों व युवाओं को निश्शुल्क प्रशिक्षण देते हैं।। पदम ने ही हरनूर को तीन साल तक अभ्यास कराया।। मां नेहा ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और बेटी के सपनों को पूरा करने में परिवार का साथ देती हैं।। हरनूर भारतीय धाविका पीटी उषा व अपने पिता को आदर्श मानती हैं।। पदम व नेहा ने बताया कि मोबाइल से दूरी व समय की पाबंदी हरनूर की दिनचर्या का अहम हिस्सा हैं।। बचपन में उसे सुबह उठने की आदत डलवाई, पर अब एक आवाज पर वह मैदान जाने के लिए तैयार हो जाती है।।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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