हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस सूची में कुछ मतदाताओं के नाम हट सकते हैं, जबकि कुछ के नाम, पते या अन्य जानकारियों में भी गड़बड़ी की आशंका है।। ऐसे में मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र नागरिक अपना नाम जुड़वाने और विवरण ठीक करवाने के लिए बीएलओ या ऑनलाइन के माध्यम से आयोग के पोर्टल पर कर सकेंगे।। वहीं, एसआईआर के बाद हरियाणा में 45 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए थे।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा में एसआईआर |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | हरियाणा (संबंधित क्षेत्र) |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 6 नवंबर, 45 लाख, 2.10 लाख, 33.84 लाख |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
सुनवाई के बाद इनमें से करीब 2.10 लाख मतदाता अयोग्य पाए गए हैं, जबकि पहले चरण में ही 33.84 लाख नाम हटाए जा चुके थे।। इस तरह अब तक के आंकड़ों के आधार पर करीब 36 लाख मतदाताओं के सूची से बाहर होने की संभावना है।। एसआईआर शुरू होने से पहले हरियाणा में कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 221 मतदाता थे।। ऐसे में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी देखने को मिल सकती है।। हालांकि आयोग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे आवेदक पता लगा सके कि अंतिम मतदाता सूची में उसका नाम है या नहीं।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए लोगों को छह नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा जिन लोगों का नाम सूची में नहीं मिलता, उन्हें पहले अपना विवरण जांचना चाहिए।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





