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बिना कोचिंग के सोनभद्र की बेटी शिवांगी दुबे ने यूपीएससी में लहराया परचम, हासिल की नौवीं रैंक

जब हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के हों, तो संसाधन और बड़ी कोचिंग की कमी भी सफलता के मार्ग को नहीं रोक सकती।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
20 अक्टूबर 2026 को 07:08 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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बिना कोचिंग के सोनभद्र की बेटी शिवांगी दुबे ने यूपीएससी में लहराया परचम, हासिल की नौवीं रैंक
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •सोनभद्र के छोटे से पकरी गांव की बेटी शिवांगी दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा-2026 में सफलता हासिल की है।
  • •शिवांगी ने अखिल भारतीय स्तर पर नौवीं रैंक प्राप्त कर केंद्रीय भूजल बोर्ड में सहायक जल भू वैज्ञानिक के रूप में अपना स्थान सुनिश्चित किया है।
  • •उन्होंने यह उल्लेखनीय सफलता बिना किसी महंगी कोचिंग के अपनी कड़ी मेहनत और स्व-अध्ययन के बल पर प्राप्त की है।
  • •आईआईटी भुवनेश्वर और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की पूर्व छात्रा रहीं शिवांगी ने सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में भी 95.77 परसेंटाइल हासिल किए थे।

जब हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के हों, तो संसाधन और बड़ी कोचिंग की कमी भी सफलता के मार्ग को नहीं रोक सकती। इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के एक छोटे से गांव पकरी की बेटी शिवांगी दुबे ने। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा-2026 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें शिवांगी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अखिल भारतीय स्तर पर नौवीं रैंक हासिल की है। इस शानदार सफलता के बाद अब उनका चयन केंद्रीय भूजल बोर्ड में सहायक जल भू वैज्ञानिक के रूप में हुआ है।

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पकरी गांव जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के प्रतिष्ठित आयोग की परीक्षा में टॉप-10 में जगह बनाना कोई आसान काम नहीं था। शिवांगी की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल है, बल्कि यह सफलता उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। गांव की बेटी की इस कामयाबी पर स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों द्वारा बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

शैक्षणिक सफर और असाधारण प्रतिभा

शिवांगी दुबे की शुरुआती शिक्षा सोनभद्र से ही पूरी हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का रुख किया। अपनी अकादमिक यात्रा के दौरान उन्होंने हमेशा से ही विज्ञान के क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JAM) में भी शानदार सफलता हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी भुवनेश्वर से आगे की पढ़ाई पूरी की। उनकी शैक्षणिक क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वर्ष 2025 में आयोजित सीएसआईआर-यूजीसी नेट (CSIR-UGC NET) की परीक्षा में पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागरीय एवं ग्रहीय विज्ञान विषय में 95.77 परसेंटाइल प्राप्त किए थे।

बिना किसी पेशेवर कोचिंग संस्थान की मदद लिए केवल अपनी सेल्फ-स्टडी और लगन के बल पर इतनी बड़ी परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल करना यह साबित करता है कि यदि सही दिशा में निरंतर प्रयास किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उनकी यह यात्रा उन तमाम विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल है जो आर्थिक तंगी या बड़े शहरों में न रह पाने के कारण हताश हो जाते हैं।

परीक्षा का नामचयनित उम्मीदवारप्राप्त रैंक / स्कोरनया पद / संस्थान
UPSC संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा-2026शिवांगी दुबेअखिल भारतीय 9वीं रैंकसहायक जल भू वैज्ञानिक, केंद्रीय भूजल बोर्ड
CSIR-UGC NET परीक्षा (2025)शिवांगी दुबे95.77 परसेंटाइल (पृथ्वी विज्ञान)-
IIT JAM परीक्षाशिवांगी दुबेसफल (Qualified)आईआईटी भुवनेश्वर

परिवार और ग्रामीण परिवेश का संघर्ष

एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च वैज्ञानिक पदों में से एक तक पहुंचने की यह राह आसान नहीं थी। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी उच्च शिक्षा और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन शिवांगी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार के मिले समर्थन के बूते हर बाधा को पार किया। उनके माता-पिता और परिजनों ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। गांव की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि यदि बेटियों को सही अवसर और स्वतंत्रता दी जाए, तो वे किसी भी क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

स्थानीय स्तर पर इस खबर के फैलते ही ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता का माहौल और मजबूत हुआ है। गांव के युवाओं का कहना है कि शिवांगी दीदी की यह सफलता उन्हें भी कठिन परिश्रम करने और जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करने की प्रेरणा देती है।

हम सब के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है कि हमारी बेटी ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के देश की इतनी कठिन परीक्षा में नौवीं रैंक प्राप्त की है। उसने अपनी मेहनत से पूरे सोनभद्र जिले का नाम रोशन कर दिया है। - स्थानीय ग्रामीण एवं परिजन

युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत और भविष्य की दिशा

शिवांगी दुबे का केंद्रीय भूजल बोर्ड में सहायक जल भू वैज्ञानिक के रूप में चयन देश के जल संसाधनों के प्रबंधन और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश के भूजल स्तर में आ रही गिरावट और जल संकट जैसी चुनौतियों के बीच ऐसे युवा वैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है जो जमीनी स्तर पर अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ राष्ट्र को दे सकें।

उनकी यह सफलता देश के उन सभी युवाओं को संदेश देती है कि असफलता से घबराने के बजाय अपनी कमजोरियों पर काम करते हुए लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए। प्रशासनिक और वैज्ञानिक सेवाओं में ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि अब टैलेंट किसी खास शहर या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने से निकलकर युवा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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