हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana news : हरियाणा सरकार ने दोहलीदारों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
क्योंकि अब SDM ही इस जमीन का मालिकाना हक दे सकेंगे।। दरअसल दोहलीदार श्रेणी में गरीब ब्राह्मण, पुजारी, पुरोहित के अलावा बुटीमार, भोंडेदार व मुकररीदार आते हैं।। इनको दान में मिली हुई जमीन का सरकार ने इनको मालिकाना हक देने का फैसला लिया है।। 20 साल से जो भी दोहलीदार इस जमीन पर काबिज हैं, इस योजना के तहत उनके इस भूमि का मालिकाना दिया जाता है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा में SDM दे सकेंगे दोहलीदारों को जमीन का मालिकान |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | करनाल |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 20 साल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
पहले इसके लिए डीसी यानी जिला उपयुक्त ही सक्षम अधिकारी होते थे।। अब सरकार यह मालिकाना कह देने की शक्तियां SDM को दे दी हैं।। दअरसल जिला उपायुक्त कार्यालय पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ने के कारण यह शक्तियां अब एसडीम को दी गई है।। क्योंकि इन लोगों को जमीन का मालिकाना हक लेने के परेशानियां उठानी पड़ रही थी।। यह जमीन पुराने समय में गरीब ब्राह्मणों, पुजारियों और पुरोहितों को दान में दी जाती थी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
इस जमीन पर वे काश्त कर सकते थे, लेकिन जमीन का मालिकाना हक पंचायत के पास ही होता था।। इसको लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आदेश जारी किए हैं।। इसके लिए उन सभी एसडीएम को शक्तियां दी गई हैं, जो सरकार द्वारा राजस्व प्रथम श्रेणी के सहायक कलेक्टर अधिसूचित हैं।। अब जो भी पात्र परिवार इस जमीन पर अपना मालिकाना हक लेना चाहते हैं, वे एसडीएम के समक्ष ही आवेदन करेंगे।। मनोहर लाल सरकार ने लिया था फैसला इसको लेकर हरियाणा में मनोहर लाल के मुख्यमंत्री रहते मालिकाना हक देने का फैसला लिया गया था।। इसके तह दोहलीदारों, बूटीमारों, भोंडेदार व मुकररीदार को ऐसी जमीन पर मालिकाना हक देने का फैसला लिया था, जिस पर वे काबिज हैं।। हालांकि इस जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती है।। वहीं 2022 में करनाल में हुए भगवान परशुराम महाकुंभ के दौरान मनोहर लाल मुख्यमंत्री रहते हुए करीब 1700 एकड़ जमीन का मालिकाना हक दोहलीदारों को देने का ऐलान किया था।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





