हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Dollar Vs Rupees : लंबे समय से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजाेर हो रहे भारतीय रुपये में अब हल्की मजबूती देखी जा रही है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
रुपये में यह मजबूती अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत घोषणा के बाद देखी गई है।। इससे शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर से घरेलू मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में तेजी आई है।। इसके बाद शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत हुआ है।। अब डॉलर के मुकाबले रुपया 95.17 के स्तर तक पहुंच गया है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | डॉलर के मुकाबले रुपये ने पकड़ी मजबूती, दिवाली से पहले क |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | हरियाणा (संबंधित क्षेत्र) |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 30 अक्टूबर, 3.75%, 4.00%, 29 अक्टूबर |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
विशेषज्ञों की मानें तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले के बाद वैश्विक बाजार में डॉलर पर हल्का दबाव देखा जा रहा है।। इसी का परिणाम है कि डालर के दबाव में रहने से रुपया ही नहीं अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं में भी हल्की तेजी सामने आई है।। ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलाव यहां यह बात जरूरी है कि बेशक डॉलर पर दबाव है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव करने का फैसला नहीं लिया गया है।। ताजा रिपोर्ट के अनुसार ब्याज दर 3.75% से 4.00% की सीमा पर ही रखी गई हैं।। इसी की उम्मीद लगाई जा रही थी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
शायद यही कारण है कि डॉलर दबाव में गया और इसका लाभ रुपये व अन्य मुद्राओं को मिला है।। वहीं इस परिवर्तन का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ेगा।। विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल भारत के पास करीब 721 अरब डॉलर का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है।। इसके अलावा बाजार में पोर्टफोलियो निवेश में सुधार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सक्रिय मौजूदगी रुपये को मजबूत कर रही है।। हालांकि अभी आने वाले दिनों में डालर की कीमत में उतार चढ़ाव देखे जाएंगे, लेकिन बड़ा अंतर नहीं रहेगा।। रुपये की कीमत में लगातार तेजी दिख रही है।। क्योंकि 29 अक्टूबर की बात की जाए तो इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में 95.20 पर रुपया खुला।। इसके बाद से ही मजबूती रही।। जबकि यानी 28 अक्टूबर की बात करें तो रुपये का बंद स्तर 95.28 था।। ऐसे में यह 11 पैसे मजबूत हुआ है।। रुपये की मजबूती में अन्य कारण अमेरिकी फैडरल की नीतिगत व्यवस्थाओं के अतिरिक्त अन्य कारणों से भी बाजार में प्रभाव देखा जा रहा है।। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के साथ-साथ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत हुई है।। यह रुपये की मजबूती को रोक सकता है।। क्योंकि बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.03 प्रतिशत गिरा है।। फिलहाल इसका भाव प्रति बैरल 114.13 डॉलर है।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





