हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): रोहतक के लाहली स्थित केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान में कामन कार्प की तीसरी पीढ़ी पर शोध चल रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
फोटो जागरण लाहली संस्थान में कामन कार्प की तीसरी पीढ़ी पर शोध।। नई पीढ़ी खारे पानी में बेहतर, तेजी से बढ़ेगी, लाभ बढ़ाएगी।। आनुवांशिक सुधार से मछली उत्पादन को नई पहचान मिलेगी।। खेल जगत में खास पहचान बनाने वाले रोहतक का नाम मछली उत्पादन में भी सबसे पहले लिया जाएगा।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | मछली उत्पादन का नया हब बनेगा रोहतक, कॉमन कार्प की नई पी |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | रोहतक |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | संबंधित विभाग व प्रशासन द्वारा निगरानी जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
इस दिशा में कामन कार्प की तीसरी नई पीढ़ी से वैज्ञानिकों को बड़ी उम्मीदें हैं।। यह नई पीढ़ी क्षारीय पानी में अधिक अनुकूल रहने के साथ उत्पादक को ज्यादा लाभ भी देगी।। तेजी से बढ़ने वाली इस मछली पर केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान लाहली में शोध किया जा रहा है।। यह अंतिम चरण की ओर बढ़ गया है।। रोहतक के लाहली गांव स्थित मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान में कामन कार्प पर शोध चल रहा है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
यहां देश के विभिन्न हिस्सों से कामन कार्प लाई गई हैं।। इनकी ब्रीडिंग करा कर नई पीढ़ी तैयार की जा रही है।। यह नई पीढ़ी अपने माता-पिता से बेहतर होगी।। उनसे ज्यादा तेजी से बढ़ेगी।। यही नहीं, मीठे पानी के साथ यह शून्य से आठ पीपीटी तक वाले नमकीय पानी में अधिक अनुकूल रहेगी।। इससे उत्पादक को ज्यादा लाभ मिलेगा।। शोध के तहत कामन कार्प की तीसरी पीढ़ी तैयार की जा रही है।। यह अंतिम चरण का शोध पूरा होने पर ही इसके अन्य जगह परिणाम जांचे जाएंगे।। केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षण संस्थान मुंबई के रोहतक केंद्र में कामन कार्प पर आनुवांशिक सुधार के लिए काम किया जा रहा है।। कामन कार्प की तीसरी पीढ़ी तैयार कर इसके परिणाम देखे जा रहे हैं।। अब तक की रिपोर्ट के आधार पर परिणाम सकारात्मक मिलने की उम्मीद है।। - डा. सलोनी शिवम, वैज्ञानिक, मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान लाहली।। इसे कामन कार्प या यूरोपीय कार्प भी कहा जाता है।। यह मीठे पानी की प्रमुख मछली है।। यह सिप्रिनिडे परिवार से संबंधित है।। यह यूरोप और एशिया की झीलों और बड़ी नदियों के शांत व उथले पानी में पाई जाती है।। इनकी सामान्य लंबाई 30 से 60 सेंटीमीटर (कई बार 1 मीटर तक) और वजन 0.5 से 4 किलोग्राम के बीच होता है।। बड़ी कार्प का वजन 15 से 40 किलोग्राम तक भी हो सकता है।। इनका रंग हल्का सुनहरा से लेकर गहरा भूरा होता है।। इनके मुंह के दोनों तरफ बारबेल (मूंछ जैसे अंग) होते हैं।। यह पानी के तल में कीड़े, घोंघे, क्रस्टेशियन, बीज और जलीय पौधे खाती है।। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के अनुसार, इसकी प्राकृतिक जंगली आबादी को असुरक्षित माना गया है।। दुनिया के कई हिस्सों में इन्हें पाला भी जाता है।। कई देशों में इसे आक्रामक प्रजाति के रूप में भी गिना जाता है।। - डा. सत्यप्रकाश, वैज्ञानिक, मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान लाहली।। संस्थान में कामन कार्प पर काम किया जा रहा है।। इनकी नई पीढ़ी तैयार की जा रही है।। यह अपने माता-पिता से कहीं बेहतर होगी।। यह प्रयास मछली पालन को नई ऊंचाई व पहचान दिलाएगा।। - डॉ. मुजाहिद खान पठान, प्रभारी अधिकारी, मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान लाहली।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





