हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana to Bihar Bus Service : परिवहन विभाग ने हरियाणा से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए लंबी दूरी की बस यात्रा को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इन मार्गों के जरिए हरियाणा के तीन प्रमुख शहरों को बिहार के चार शहरों से जोड़ा जाएगा।। प्रस्तावित योजना में गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना, गया, पूर्णिया और मधुबनी के लिए बसें चलाने का खाका तैयार किया गया है।। इनमें अंबाला से पूर्णिया तक का मार्ग सबसे लंबा होगा, जिसकी कुल दूरी 1470 किलोमीटर निर्धारित की गई है।। वहीं गुरुग्राम से पटना के बीच 1044 किलोमीटर का सफर तय करना होगा।।
| यात्रा व रूट विवरण | रोडवेज सेवा अपडेट |
|---|---|
| रूट व बस सेवा | हरियाणा से बिहार के लिए 12 रूटों पर चलेंगी रोडवेज बसें, |
| डिपो / संचालन प्राधिकरण | हरियाणा राज्य परिवहन (अंबाला डिपो) |
| संबंधित ज़िले / रूट | अंबाला, करनाल, पानीपत |
| यात्रियों के लिए सुविधा | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
हरियाणा सरकार ने इस संबंध में परिवहन समझौते का मसौदा जारी कर दिया है।। आम लोगों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।। इसके बाद अंतिम समझौता प्रकाशित होने पर ही बसों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।। फिलहाल बसों के चलने की तारीख और समय-सारिणी तय नहीं हुई है।। 4 प्रमुख शहरों तक पहुंचेगी बस सेवा प्रस्तावित समझौते के तहत बिहार के चार प्रमुख शहरों को हरियाणा के तीन शहरों से जोड़ने की योजना है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
परिवहन विभाग के इस कदम से रोजाना यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, कामकाजी वर्ग और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस रूट पर सुगम यातायात सुविधा की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने समय सारिणी और स्टॉपेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है।
पटना और पूर्णिया के लिए तीनों शहरों से बस मार्ग रखे गए हैं।। गया के लिए गुरुग्राम से दो और अंबाला से एक मार्ग प्रस्तावित है।। मधुबनी के लिए भी गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से एक-एक रूट निर्धारित किया गया है।। गुरुग्राम से पटना जाने वाली बस सोहना, पलवल, अलीगढ़, लखनऊ, आजमगढ़, बक्सर और आरा होते हुए पहुंचेगी।। पानीपत से पटना के लिए दिल्ली, नोएडा, आजमगढ़, बक्सर और आरा का रास्ता प्रस्तावित है।। अंबाला से पटना जाने वाली बस करनाल, मेरठ, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, कुशीनगर और गोपालगंज जैसे शहरों से होकर गुजरेगी।। पूर्णिया के लिए गुरुग्राम से 1267 किलोमीटर, पानीपत से 1361 किलोमीटर और अंबाला से 1470 किलोमीटर के मार्ग प्रस्तावित हैं।। गया के लिए गुरुग्राम से दो अलग-अलग रास्ते रखे गए हैं, जिनकी दूरी 1081 और 1099 किलोमीटर होगी।। मधुबनी के लिए तीनों शहरों से 1183, 1264 और 1378 किलोमीटर के मार्ग तय किए गए हैं।। किराया और समय-सारिणी बाद में होगी तय मसौदे में फिलहाल बसों के रास्ते और दूरी का विवरण दिया गया है।। बसें किस समय चलेंगी, रोजाना कितने फेरे लगाएंगी और यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं किया गया है।। इसके अलावा दोनों राज्यों के परिवहन प्राधिकरण अपने परिवहन उपक्रमों से चर्चा करके समय-सारिणी निर्धारित करेंगे।। यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेस, डीलक्स, एसी डीलक्स और एसी स्लीपर जैसी बसों के संचालन की संभावना भी रखी गई है।। दोनों राज्यों के प्रतिनिधि हर साल बैठक कर समझौते की समीक्षा कर सकेंगे।। नए सार्वजनिक परिवहन मार्गों को शामिल करने के लिए दोनों राज्यों की सहमति जरूरी होगी।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





