हरियाणा की राजनीति में 'रामपुरा हाउस' का दबदबा एक बार फिर चंडीगढ़ की गलियों में महसूस किया गया। भारतीय जनता पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के महत्वपूर्ण हरियाणा दौरे के ठीक बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी बेटी और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सरकारी आवास पर एक खास 'टी-पार्टी' का आयोजन किया। इस बैठक को केवल एक शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे दक्षिण हरियाणा (अहीरवाल बेल्ट) में राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक वर्चस्व और पार्टी के भीतर अपनी बात को मजबूती से रखने के एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
स्मृति ईरानी ने वीरवार को मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ डिनर कर फीडबैक लिया था। इस बैठक से बाहर निकलते ही राव इंद्रजीत सिंह और आरती राव के तेवर स्पष्ट थे। दोनों ने मीडिया के सामने कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने और उनके मान-सम्मान का मुद्दा मुखरता से उठाया। इसके तुरंत बाद, चंडीगढ़ के सेक्टर 7-ए स्थित कोठी नंबर 82, जो आरती राव का सरकारी आवास है, वहां दक्षिण हरियाणा के विधायकों का जमावड़ा शुरू हो गया।
विधायकों की मौजूदगी और सियासी समीकरण
इस टी-पार्टी में शामिल होने वाले विधायकों की सूची अहीरवाल की राजनीति में राव इंद्रजीत सिंह की पकड़ को दर्शाती है। हालांकि, पिछले साल जून में हुई 'डिनर डिप्लोमेसी' के मुकाबले इस बार विधायकों की संख्या कम रही, लेकिन जो चेहरे मौजूद थे, वे राव खेमे के कट्टर निष्ठावान माने जाते हैं। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई इस मुलाकात में विधायकों ने क्षेत्र के विकास कार्यों और संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर गहन मंथन किया।
| विधायक का नाम | विधानसभा क्षेत्र | उपस्थिति |
|---|---|---|
| आरती सिंह राव | अटेली | मेजबान |
| मुकेश शर्मा | गुरुग्राम | उपस्थित |
| बिमला चौधरी | पटौदी | उपस्थित |
| तेजपाल तंवर | सोहना | उपस्थित |
| अनिल यादव | कोसली | उपस्थित |
| डॉ. कृष्ण कुमार | बावल | उपस्थित |
| उमेद पातुवास | बाढड़ा | उपस्थित |
| सुनील सांगवान | दादरी | उपस्थित |
कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर बरसे राव पिता-पुत्री
स्मृति ईरानी के सामने अपनी बात रखने के बाद राव इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन और सरकार के बीच समन्वय तभी सफल है जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मान मिले। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाएगी, तो इसका असर भविष्य की राजनीति पर पड़ सकता है। आरती राव ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरना ही उनकी प्राथमिकता है।
"कार्यकर्ताओं की बात सुनी जानी चाहिए। जो लोग जमीन पर पार्टी के लिए पसीना बहाते हैं, उनके मान-सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। स्मृति ईरानी जी के सामने भी हमने यही पक्ष रखा है कि कार्यकर्ताओं की सुनवाई सुनिश्चित हो।" - राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री
पुरानी यादें: डिनर से टी-पार्टी तक का सफर
राव इंद्रजीत सिंह की राजनीति में 'डिनर' और 'टी-पार्टी' हमेशा से दबाव की राजनीति का हिस्सा रही हैं। साल 2015 में जब मनोहर लाल सरकार के शुरुआती दिन थे, तब भी राव ने सांसदों और विधायकों को भोजन पर बुलाकर अपनी ताकत का अहसास कराया था। जून 2025 (पिछले वर्ष) में आरती राव के गृह प्रवेश के बहाने 12 विधायकों को जुटाया गया था, जिसमें विपक्षी दल की एक विधायक भी शामिल थीं। उस समय भाजपा के भीतर इतना हड़कंप मचा था कि बाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी को खुद राव के घर डिनर पर जाकर डैमेज कंट्रोल करना पड़ा था।
विपक्ष का तंज: 'गुमराह करने की राजनीति'
इस टी-पार्टी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने कहा कि जब भी राव इंद्रजीत सिंह को लगता है कि उनकी पकड़ ढीली हो रही है, वे इस तरह के शक्ति प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय वे कार्यकर्ताओं की अनदेखी का रोना रोते हैं, लेकिन सरकार में रहते हुए वे केवल सत्ता का आनंद लेते हैं। यादव के अनुसार, यह केवल भाजपा के भीतर की गुटबाजी है जो अब खुलकर सामने आ रही है।
आगामी राजनीतिक प्रभाव और निष्कर्ष
चंडीगढ़ में हुई इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा सरकार और भाजपा संगठन में अपनी अनदेखी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। अहीरवाल की 11 सीटों पर प्रभाव रखने वाला यह खेमा आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। स्मृति ईरानी के लिए भी हरियाणा भाजपा की इस आंतरिक खींचतान को सुलझाना एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, आरती राव के आवास पर हुई इस 'चाय पर चर्चा' ने हरियाणा की राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है।





