शनिवार, 7 नवंबर 2026
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हरियाणा में अचार-चटनी और मुरब्बे से घर-घर कमाई, करनाल में हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन रही हैं महिलाएं

करनाल : फल और सब्जियां केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि थोड़ी सी समझ और हुनर के साथ परिवार की आमदनी का मजबूत जरिया भी बन सकती हैं. जिस आम, आंवले,।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
7 नवंबर 2026 को 02:10 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में अचार-चटनी और मुरब्बे से घर-घर कमाई, करनाल में हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन रही हैं महिलाएं
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा में अचार-चटनी और मुरब्बे से घर-घर कमाई, करनाल में हुनर के दम पर आत्मनिर्
  • •प्रामाणिक तथ्यों और कारोबार व बाजार के दिशा-निर्देशों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट।
  • •हरियाणा के संबंधित क्षेत्र व नागरिकों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव।
  • •ताज़ा व विश्वसनीय अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): करनाल : फल और सब्जियां केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि थोड़ी सी समझ और हुनर के साथ परिवार की आमदनी का मजबूत जरिया भी बन सकती हैं. जिस आम, आंवले, टमाटर और मिर्च को सीजन में कम कीमत पर बेचने की मजबूरी होती है, उन्हीं से अचार, चटनी, जैम, मुरब्बा और कैंडी जैसे उत्पाद तैयार कर बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है. इसी सोच को रोजगार की ताकत बनाने में जुटा है. करनाल स्थित उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 50 से अधिक महिलाओं को फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मकसद साफ है, महिलाओं के हाथों में हुनर हो, घर से ही कारोबार शुरू हो और परिवार की आर्थिक मजबूती में उनकी भागीदारी बढ़े.बिना जमीन, बिना बड़े निवेश के रोजगार का रास्ता: अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के सामने रोजगार शुरू करने की सबसे बड़ी चुनौती पूंजी और संसाधनों की कमी होती है. लेकिन फल एवं सब्जियों का प्रसंस्करण ऐसा व्यवसाय है, जिसे घर के एक छोटे से हिस्से से भी शुरू किया जा सकता है. उद्यान प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य एवं संयुक्त निदेशक डॉ. सत्येंद्र कुमार यादव के दिशा-निर्देशन में महिलाओं को अचार, चटनी, जैम, मुरब्बा, कैंडी सहित अनेक उत्पाद बनाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं. महिलाओं को कच्चे माल के चयन से लेकर उत्पाद तैयार करने, सुरक्षित रखने और मूल्य संवर्धन तक की जानकारी दी जा रही है. संस्थान का प्रयास है कि महिलाएं प्रशिक्षण के बाद केवल हुनर सीखकर न लौटें, बल्कि उस हुनर को अपनी कमाई का साधन भी बनाएं.प्रसंस्करण से नुकसान को मुनाफे में बदलने की पहल: फल और सब्जियों की खेती में सबसे बड़ी चुनौती उनके उत्पादन और बाजार की खपत के बीच संतुलन की है. सीजन में जब बाजार में आवक बढ़ जाती है तो कीमतें गिरने के साथ बड़ी मात्रा में उपज खराब भी हो जाती है. डॉ. सत्येंद्र कुमार यादव ने बताया कि उचित रखरखाव और भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से कुल उत्पादन का लगभग 25 से 40 प्रतिशत हिस्सा खराब हो जाता है. ऐसे में प्रसंस्करण की तकनीक किसानों और महिलाओं, दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. कच्चे फल-सब्जियों को तैयार खाद्य उत्पादों में बदलकर उनकी उपयोग अवधि बढ़ाई जा सकती है और बेहतर कीमत भी हासिल की जा सकती है. संस्थान में निशुल्क प्रशिक्षण देकर महिलाओं को इसी दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है. आम से अचार ही नहीं, दर्जनों उत्पाद बनाकर कमा सकती हैं महिलाएं: प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रतिभा ने बताया कि आम, आंवला, टमाटर और मिर्च जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली उपज से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. खासकर आम से अचार, आम पन्ना, मैंगो स्लाइस, जैम, चटनी, खट्टी-मीठी कैंडी, आम पापड़, अमचूर और मुरब्बा बनाया जा सकता है. इन उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ स्थानीय बाजारों में बेचकर छोटे स्तर पर कारोबार खड़ा किया जा सकता है. यानी जिस फल को सीजन में कम कीमत पर बेचना पड़ता है, उसी को प्रसंस्करण के बाद एक नए उत्पाद के रूप में बाजार में उतारकर अधिक आमदनी का अवसर बनाया जा सकता है.प्रशिक्षण से महिलाएं हो रही हैं हुनरमंदः प्रशिक्षक रश्मि भंडारी का कहना है कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होते देखना ही इस प्रशिक्षण का सबसे बड़ा उद्देश्य है. एक महिला होने के नाते वह चाहती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी अपनी प्रतिभा को पहचानें और किसी पर निर्भर रहने के बजाय खुद रोजगार शुरू करें. उद्यान विभाग और सरकार की ओर से उन्हें प्रशिक्षण और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने हुनर को व्यवसाय में बदल सकें. उन्होंने आगे कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती है तो उसका सकारात्मक असर पूरे परिवार पर पड़ता है. अब वे सीजन में सस्ते मिलने वाले फल और सब्जियां खरीदकर उनसे अचार, चटनी, मुरब्बा और कैंडी जैसे उत्पाद तैयार कर सकेंगी. इनकी बिक्री से घर बैठे आमदनी का जरिया तैयार होगा. महिलाओं के मुताबिक, निशुल्क प्रशिक्षण ने उन्हें बिना बड़े निवेश के अपना काम शुरू करने का आत्मविश्वास दिया है. अब उनकी कोशिश इस हुनर को छोटे कारोबार में बदलने की है, ताकि वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में हाथ बंटाने के साथ अपनी अलग पहचान भी बना सकें. भिवानी में चलती कार बनी आग का गोला, समय रहते चालक ने कूदकर बचाई जान हरियाणा में अचार-चटनी और मुरब्बे से घर-घर कमाई, करनाल में हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन रही हैं महिलाएं E20 बना 420: राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर बोला हमला, जनता की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी का लगाया आरोप इंडियन एयरफोर्स ने रचा नया इतिहास, चीन से 25 किलोमीटर दूर 13,000 फीट पर दुनिया की सबसे ऊंची लैंडिग दिवाली 2026 पर अपनों को भेजें ये बेस्ट Wishes, पढ़ते ही चमक उठेगा चेहरा। व्यापारिक बाजारों में आई इस हलचल से कारोबारी जगत और ग्राहकों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

बाजार में ताज़ा रुख और कीमतों में बदलाव

बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और खरीदारी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों ने आगामी दिनों के लिए अपनी तैयारियां पहले से ही चाक-चौबंद कर रखी हैं।

कारोबार व बाजार बिंदुताज़ा स्थिति, दरें व मांग
बाजार क्षेत्रहरियाणा में अचार-चटनी और मुरब्बे से घर-घर कमाई, करनाल में हु
व्यापारिक रुखसकारात्मक मांग व बिक्री में तेजी
बाजार एसोसिएशनव्यापार मंडल व स्थानीय व्यापारी

व्यापारियों और आम ग्राहकों पर इसका सीधा असर

कीमतों और दरों में आए इस बदलाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और खुदरा व्यापारियों दोनों पर देखा जा रहा है।

प्रमुख दरों और मांग का तुलनात्मक विश्लेषण

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में बाजार में स्थिरता और बेहतर व्यापारिक अवसर देखने को मिलेंगे।

आगे का बाजार रुझान और विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मांग में आए इस सकारात्मक रुझान से आगामी दिनों में कारोबार को और गति मिलेगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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