हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा कस्बे में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला कर दिया। तोता राम मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में हुई इस वारदात ने स्थानीय दुकानदारों में दहशत पैदा कर दी है। हमलावर हाथों में लाठी, डंडे और गंडासियां लेकर दुकान में घुसे और व्यापारी को दुकान के अंदर से घसीटते हुए बाहर गली तक ले आए। इस पूरी घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें हमलावरों की क्रूरता साफ देखी जा सकती है। हमले में गंभीर रूप से घायल व्यापारी को पानीपत के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
रंगदारी और रंजिश का खूनी खेल: हमले का पूरा घटनाक्रम
पीड़ित व्यापारी लक्की, जो समालखा के मॉडल टाउन का निवासी है, तोता राम मार्केट में 'शॉकिंग' और 'लिबास फैशन बुटीक' के नाम से दो दुकानें संचालित करता है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विवाद की जड़ 4 अक्टूबर को शुरू हुई थी। आरोप है कि उस दिन विशाल और रवि नामक युवक अपने साथियों के साथ दुकान पर आए और लक्की से 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद बदमाशों ने पीड़ित के साथी सुनील उर्फ सन्नी को एक अन्य दुकान से उठाकर उसके साथ मारपीट की थी।
लक्की का आरोप है कि उसने 5 अक्टूबर को समालखा पुलिस चौकी में शिकायत दी थी, लेकिन आरोपियों के हौसले पस्त नहीं हुए। 7 अक्टूबर को फोन पर गाली-गलौज की गई और इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को गाड़ी से कुचलने की साजिश भी रची। अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित को कई बार 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस की मदद लेनी पड़ी। 23 अक्टूबर की दोपहर को जब लक्की अपनी दुकान पर अकेला था, तभी करीब आधा दर्जन से अधिक युवक हथियारों के साथ वहां पहुंचे और हमला बोल दिया।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| घटना स्थल | तोता राम मार्केट, समालखा, पानीपत |
| मुख्य आरोपी | विशाल, रवि, संदीप, सन्नी, शुभम, सुनील उर्फ शीलू |
| एफआईआर नंबर | 587 (थाना समालखा) |
| प्रमुख धाराएं | 190, 191(3), 115(2), 324(4), 333, 351(3) BNS |
| कुल चोटें | 8 (मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार) |
| साक्ष्य | 8 GB पेन ड्राइव (CCTV फुटेज) |
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई दरिंदगी और पुलिस की कार्रवाई
व्यापारी पर हुए इस हमले का सीसीटीवी फुटेज अब पुलिस जांच का मुख्य आधार बन गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर दुकान में घुसते हैं और लक्की पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर देते हैं। जब लक्की ने खुद को बचाने का प्रयास किया, तो हमलावर उसे घसीटकर दुकान से बाहर ले गए और बीच सड़क पर उसे पीटा। पीड़ित ने पुलिस को एक 8 जीबी की पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें घटना की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है।
"व्यापारी की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की पहचान की जा रही है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" - महिपाल, थाना प्रभारी, समालखा।
मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा
पानीपत के सामान्य अस्पताल में हुई मेडिकल जांच में लक्की के शरीर पर कुल आठ चोटें पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित के दोनों हाथों, बाजुओं, कंधों, घुटनों और पैरों पर गहरे जख्म हैं। इसके अलावा, सिर के पिछले हिस्से और बाएं कान में भी गंभीर दर्द और चोट की शिकायत दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने अंदरूनी चोटों और हड्डियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक्स-रे और विशेषज्ञों की राय लेने की सिफारिश की है।
स्थानीय जनजीवन और व्यापारियों में बढ़ता रोष
समालखा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तोता राम मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहली शिकायत पर ही सख्त कार्रवाई की होती, तो 23 अक्टूबर की यह बड़ी वारदात टाली जा सकती थी। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि 10 लाख जैसी मोटी रकम की रंगदारी मांगने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की दिशा
समालखा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना (190), घातक हथियारों का प्रयोग (191-3), स्वेच्छा से चोट पहुँचाना (115-2) और आपराधिक धमकी (351-3) जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है जिनसे धमकी भरे कॉल किए गए थे। साथ ही, सीसीटीवी में दिख रहे अन्य अज्ञात युवकों की पहचान के लिए स्थानीय मुखबिरों की मदद ली जा रही है।





