हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Panipat News : हरियाणा के पानीपत में एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने के मामले में थाना औद्योगिक सेक्टर-29 पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर निकाले गए 60 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।। पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण (IPS) के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।। एटीएम में पैसे निकालने गए युवक का कार्ड बदला पुलिस के अनुसार, गांव सिवाह निवासी गब्बर सिंह ने थाने में दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी रेखा का उज्जीवन बैंक में खाता है।। खाते से पैसे निकालने के लिए उनके पास एटीएम कार्ड था।।
| न्यायिक बिंदु | अदालत व मामले का विवरण |
|---|---|
| संबंधित न्यायालय / पीठ | पानीपत ज़िला एवं सत्र न्यायालय |
| मुकदमा / याचिका संदर्भ | पानीपत पुलिस ने किया ATM ठगी का पर्दाफाश, 2 शातिर ठग दब |
| प्रमुख आंकड़े / राशि / तथ्य | 60 हजार, 6 अक्टूबर, 10 हजार, 5 हजार |
| अदालत का ताज़ा आदेश | आरोपी पुलिस हिरासत में, पूछताछ व रिमांड जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
6 अक्टूबर 2026 को उनका बेटा नितिन गांव सिवाह स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से पैसे निकालने गया था।। इस दौरान दो अन्य युवक भी एटीएम में मौजूद थे।। नितिन ने पहले 10 हजार रुपये, फिर 10 हजार रुपये और इसके बाद 5 हजार रुपये निकाले।। आखिरी बार पैसे निकालने के बाद वह अपना एटीएम कार्ड मशीन से निकालना भूल गया।। इसी दौरान वहां मौजूद युवकों ने उसका एटीएम कार्ड निकालकर उसे दे दिया।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी प्रावधानों को गंभीरता से परखा गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस अदालती निर्देश का सीधा प्रभाव केस की आगामी सुनवाई और आगे की कानूनी कार्यवाही पर पड़ेगा। संबंधित पक्षों की निगाहें अब अदालत के आगामी आदेशों पर टिकी हैं।
8 अक्टूबर को जब परिवार दोबारा पैसे निकालने पहुंचा तो पता चला कि उनके पास मौजूद कार्ड उनका नहीं है।। कार्ड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का रुपे डेबिट कार्ड था, जो केदारनाथ के नाम पर जारी किया गया था।। इसके बाद परिवार ने बैंक में जाकर अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक करवा दिया और पुलिस को शिकायत दी।। शिकायत के आधार पर थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में मामला दर्ज किया गया था।। आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज पुलिस के मुताबिक, आरोपी संजय के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि प्रदीप के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और अन्य धाराओं में सात मुकदमे दर्ज हैं।। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और 60 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





