हरियाणा के पानीपत शहर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां देर रात धार्मिक जुलूस के दौरान हाईटेंशन बिजली की चपेट में आने से एक नाबालिग की जान चली गई। यह घटना शहर के व्यस्त माने जाने वाले हरिसिंह चौक के पास घटी, जब हनुमान स्वरूप की टोली में शामिल एक किशोर जुलूस की शोभा बढ़ा रहा था। अचानक हुए इस हादसे से न केवल आयोजन में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई, बल्कि इस तरह की आकस्मिक त्रासदी ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। मृतक की पहचान वार्ड नंबर छह के भौला चौक निवासी गौरव के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौतासहारा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे की है। शहर में धार्मिक उल्लास के बीच निकाली जा रही झांकी और टोली के साथ गौरव भी पूरी श्रद्धा के साथ शामिल था। वह हाथ में धार्मिक झंडा थामे हुए पूरी टोली के सबसे आगे चल रहा था। जैसे ही जुलूस हरिसिंह चौक के समीप एक संकरी गली से गुजर रहा था, वैसे ही ऊपर से गुजर रही भारी भरकम और खतरनाक हाईटेंशन बिजली की तारें उसकी चपेट में आ गईं। झंडा थोड़ा ऊंचा होने के कारण सीधे प्रवाहित तारों से छू गया, जिससे एक भयंकर स्पार्क हुआ और किशोर को तीव्र विद्युत झटका लगा।
जुलूस के बीच अचानक मची चीख-पुकार और अस्पताल की दौड़
जैसे ही गौरव को करंट लगा, वह मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस कर अछूत अवस्था में गिर पड़ा। उसके साथ चल रहे साथियों और स्थानीय लोगों ने जब उसे इस हालत में देखा तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में साथियों और परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उसे पानीपत के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को भांपते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत पीजीआई रोहतक के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन उसे बचाने की उम्मीद में शहर के ही एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस आकस्मिक मौत ने दो बहनों के इकलौते भाई और पिता का साया खो चुके इस परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी है। अस्पताल से जब उसका शव पोस्टमार्टम के लिए वापस लाया गया, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और साथी युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन लटकती और खतरनाक तारों को ठीक कर दिया होता, तो एक हंसता-खेलता परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न बनता।
| घटना के मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना स्थल | हरिसिंह चौक, पानीपत शहर |
| समय | देर रात करीब 1:30 बजे |
| पीड़ित का नाम | गौरव (निवासी भौला चौक, वार्ड 6) |
| हादसे का कारण | हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आना |
| पारिवारिक पृष्ठभूमि | दो बहनों का इकलौता भाई (पिता का साया पहले ही उठ चुका था) |
| वर्तमान स्थिति | निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, शव पोस्टमार्टम हेतु सुरक्षित |
स्थानीय निवासियों के गंभीर आरोप और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय क्षेत्र के निवासियों ईश्वर चंद, मुकेश, सतीश और डिम्पल ने बिजली निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका सीधा आरोप है कि संबंधित क्षेत्र की गलियों में हाईटेंशन और एलटी बिजली की तारें बेहद कम ऊंचाई पर लटक रही हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन जानलेवा तारों के कारण पहले भी कई बार छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन ऊर्जा निगम और नगर निगम के अधिकारियों ने कभी भी इस गंभीर खतरे की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। जनता का कहना है कि त्योहारों या धार्मिक आयोजनों के समय जब इस तरह के जुलूस निकलते हैं, तब ये तारें मौत का जाल साबित होती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त रात का सन्नाटा था और जुलूस में शामिल लोग अपने पारंपरिक उत्साह में थे। किसी को यह अंदेशा नहीं था कि कुछ इंच की दूरी पर गुजर रही ये नंगी तारें किसी की जिंदगी छीन लेंगी। निवासियों ने मांग की है कि विद्युत निगम को तुरंत प्रभाव से ऐसी सभी खतरनाक तारों को या तो अंडरग्राउंड करना चाहिए या फिर उनकी ऊंचाई बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान इस तरह लापरवाही की भेंट न चढ़े।
"हमारे इलाके की गलियों में बिजली की तारें बहुत नीची लटकी हुई हैं। पहले भी कई बार हादसे टल गए थे, लेकिन आज इस लापरवाही ने हमारे बीच से एक होनहार किशोर को हमेशा के लिए छीन लिया। प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।" - स्थानीय निवासी
प्रशासनिक जांच और भविष्य के सुरक्षात्मक कदम
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की गंभीरता से तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है और परिजनों की शिकायत तथा बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, बिजली निगम के स्थानीय अधिकारियों को भी इस बात की रिपोर्ट देने को कहा गया है कि क्या वहां वास्तव में नियमों के विरुद्ध कम ऊंचाई पर तारें बिछाई गई थीं या नहीं।
प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह शहरी क्षेत्रों में इस तरह के बिजली के खुले और खतरनाक जालों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करे। जनता की सुरक्षा से जुड़ा यह मसला अब पानीपत में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। यदि समय रहते शहरी इलाकों में बुनियादी विद्युत ढांचे को दुरुस्त नहीं किया गया, तो नागरिक बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए कौन सा महकमा सीधे तौर पर जिम्मेदार है।





