हरियाणा के पानीपत जिले में विजयादशमी का पावन पर्व समाप्त होने के ठीक बाद रात के समय रफ्तार का कहर देखने को मिला। जश्न के माहौल के बीच अचानक सड़कों पर चीख-पुकार मच गई, जब महज एक घंटे के भीतर सिलसिलेवार तरीके से चार सड़क दुर्घटनाएं घटित हुईं। इन हादसों की चपेट में आकर कुल छह नागरिक बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार देकर उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर कर दिया। रात के समय अचानक आए इन आपातकालीन मामलों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव देखा गया और हालात यह हो गए कि एक ही एंबुलेंस वाहन में कई-कई मरीजों को एक साथ लादकर हायर सेंटर भेजना पड़ा।
त्योहार की रात हुए इन हादसों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और यातायात सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। शहर के विभिन्न हिस्सों और मुख्य मार्गों पर देर रात तक यातायात का भारी दबाव और तेज रफ्तार वाहन चालकों की लापरवाही इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को जैसे ही एक के बाद एक हादसों की सूचना मिली, वैसे ही प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। घायलों के परिजन बदहवास हालत में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन सेवाओं के तहत सभी घायलों को संभालने काि प्रयास किया, परंतु चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें पानीपत से बाहर रेफर करना ही पड़ा।
शहरी और ग्रामीण अंचल में एक के बाद एक बरपा कहर, चार घटनाओं का सिलसिलेवार विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन सभी दुर्घटनाओं की शुरुआत रात के वक्त अलग-अलग चौराहों और मार्गों पर हुई। पहली बड़ी घटना में करनाल से अपनी रिश्तेदारी निभाने पानीपत आईं दो महिलाएं संतोष और पिंकी स्कूटी पर सवार होकर किसी कार्य से जा रही थीं। इसी दौरान एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के परिणामस्वरूप संतोष की टांग में गंभीर फ्रैक्चर हुआ, जबकि पिंकी का हाथ टूट गया। दोनों महिलाओं को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। दूसरा मामला बाबरपुर क्षेत्र का है, जहां पवन नामक टेंपो चालक अपना वाहन लेकर घरौंडा की तरफ जा रहा था, तभी रास्ते में एक तेज रफ्तार कार ने उसके टेंपो को टक्कर मार दी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।
तीसरी घटना कुटानी रोड के पास सामने आई, जहां प्रवीण नामक युवक हनुमान सभा के धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर पानीपत की ओर लौट रहा था। रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर टक्कर में प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। सभा के अन्य सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी नाज़ुक हालत को भांपते हुए चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। चौथी घटना बिंझौल मोड़ पर शराब के ठेके के ठीक सामने हुई, जहां दो तेज रफ्तार बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। इस भीषण भिड़ंत में डाहर गांव निवासी रवि और महराणा गांव निवासी सुमित लहूलुहान हो गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों युवकों को होश संभालना मुश्किल हो गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भी रेफर कर दिया गया।
| घटना का स्थान | शिकार / घायल व्यक्ति | वाहन का प्रकार | घायलों की स्थिति व परिणाम |
|---|---|---|---|
| बिंझौल मोड़, पानीपत | रवि (डाहर) व सुमित (महराणा) | दो मोटरसाइकिलें (आमने-सामने भिड़ंत) | गंभीर रूप से घायल, अस्पताल से रेफर |
| कुटानी रोड मार्ग | प्रवीण (कुटानी निवासी) | बाइक और अज्ञात वाहन | गंभीर चोटें, पीजीआई रोहतक रेफर |
| शहर का मुख्य मार्ग | संतोष और पिंकी | स्कूटी और बाइक | टांग और हाथ टूटा, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर |
| बाबरपुर से घरौंडा मार्ग | पवन (बाबरपुर निवासी) | टेंपो और कार | घायल अवस्था में परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती |
चिकित्सकीय आपातकाल और एंबुलेंस प्रबंधन पर पड़ा भारी दबाव
एक घंटे के भीतर छह गंभीर घायलों के एक साथ अस्पताल पहुंचने से जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने बिना समय गंवाए सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन आंतरिक चोटें और हड्डियों के फ्रैक्चर अधिक होने के कारण स्थानीय स्तर पर उनका इलाज संभव नहीं हो सका। हालात यह बन गए कि मरीजों की संख्या अधिक होने और एंबुलेंस की सीमित उपलब्धता के चलते प्रशासन को एक ही एंबुलेंस में दो-तीन मरीजों को साथ लिटाकर भेजना पड़ा। इस स्थिति ने आपातकालीन चिकित्सा परिवहन व्यवस्था की तैयारियों की भी पोल खोल दी, हालांकि डॉक्टरों ने अपनी पूरी क्षमता के साथ सभी घायलों को तुरंत रवाना किया ताकि समय पर उच्च उपचार मिल सके।
त्योहारों के सीजन में इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक और पुलिस तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती हैं, बल्कि यह आम नागरिकों के लिए भी गहरी चिंता का विषय बन जाती हैं। पुलिस प्रशासन अब इन मामलों में अज्ञात वाहनों और टक्कर मारने वाले चालकों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी कर रहा है। गनीमत यह रही कि इस सिलसिलेवार हादसों में किसी की मौके पर जान नहीं गई, लेकिन गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रात के समय बेकाबू गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





