हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा सरकार ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए और जमानत पर बाहर अधिकारियों-कर्मचारियों को लेकर सख्ती की है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
उन्हें शिकायतकर्ता व गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका के चलते दूसरे दूरस्थ स्टेशन पर भेजा जाएगा।। सतर्कता विभाग के अनुसार, अब तक 190 भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी चिन्हित किए गए हैं।। एंटी करप्शन ब्यूरो ने 9 महीने में 155 रेड कीं और 90 जांच दर्ज कीं।। इनमें से 60 जांचों का निपटान कर रिपोर्ट सरकार को भेजी गई।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा में रिश्वत लेते पकड़े कर्मचारियों की बदलेगी पोस |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | हरियाणा (संबंधित क्षेत्र) |
| संबंधित संस्था / विभाग | हरियाणा पुलिस व जांच शाखा |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | संबंधित विभाग व प्रशासन द्वारा निगरानी जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
ऐसे कर्मचारियों को दूर किसी स्टेशन पर भेजे सर्तकता विभाग द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण संबंधित क्षेत्राधिकार से दूर किसी अन्य स्टेशन पर किया जाएगा।। जहां तक संभव हो, उन्हें आसपास के सीमावर्ती जिलों से भी बाहर तैनात किया जाएगा, ताकि शिकायतकर्ता और गवाहों पर किसी प्रकार का अनुचित प्रभाव न पड़े तथा मुकदमे की सुनवाई निष्पक्ष रूप से हो सके।। जिला कैडर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में उन्हें उसी जिले के भीतर किसी अन्य दूर स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा।। जांच को प्रभावित करने की आशंका ये सामने आया है कि ट्रैप मामलों में रंगे हाथों पकड़े जाने और जमानत पर रिहा होने के बाद भी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उसी स्टेशन पर तैनात रहते हैं, जहां उनके मामलों की सुनवाई चल रही होती है।। इससे शिकायतकर्ता और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने, डराने या उन पर दबाव डालने की आशंका रहती है, जिससे न्यायिक कार्यवाही की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
190 भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी चिन्हित इसी कड़ी में बता दें कि स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो चीफ डॉ अरशिंदर सिंह चावला ने जानकारी दी कि 190 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित किया जा चुका है।। तीसरी तिमाही में प्रदेश में 64 रेड ब्यूरो के द्वारा की गई हैं, तो वहीं 9 महीने की अवधि में 155 रेड भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों को लेकर की गई हैं।। इसी अवधि में 90 जांच दर्ज की गई हैं, जबकि 60 जांचो का निपटान कर रिपोर्ट पिछले महीने तक सरकार को भेज दी गई।। This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





