गुरुग्राम स्थित नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर (NBRC), जो हरियाणा के वैज्ञानिक अनुसंधान परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, ने रिसर्च एसोसिएट-I के प्रतिष्ठित पद पर भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह अवसर उन शोधकर्ताओं के लिए है जो तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में गहरा योगदान देना चाहते हैं। इस पद के लिए चयनित उम्मीदवार को प्रतिमाह ₹58,000 का आकर्षक वेतन और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) प्रदान किया जाएगा। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 22 नवंबर 2026 तक अपने आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं।
यह रिक्ति जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा वित्तपोषित एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना का हिस्सा है, जिसका शीर्षक 'Role of Pax6(+) cortical progenitors in the etiology of Autism Spectrum Disorder' है। इस परियोजना का नेतृत्व NBRC के डॉ. धनंजय हुइलगोल कर रहे हैं। यह पहल ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के कारणों को समझने और उसके समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
विस्तृत जानकारी और पात्रता मानदंड
रिसर्च एसोसिएट-I के इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास विज्ञान या इंजीनियरिंग में पीएच.डी. की डिग्री अथवा चिकित्सा के किसी भी क्षेत्र में एम.डी./एम.एस. की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार के पीएच.डी. कार्य से कम से कम एक प्रथम-लेखक प्रकाशन (first-author publication) होना भी आवश्यक है, जो उनकी शोध क्षमता को दर्शाता है। तंत्रिका विज्ञान और विकास (Development and Neuroscience) में शोध रुचि रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आयु सीमा की बात करें तो, आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि, यानी 22 नवंबर 2026 तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। कुछ विशिष्ट शोध कौशल जैसे सेल कल्चर, प्राइमरी कल्चर, जैव रसायन (biochemistry), और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (जिसमें CRISPR- या shRNA-मध्यस्थ जीन हेरफेर शामिल है) वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। पशु प्रबंधन, कन्फोकल माइक्रोस्कोपी, और लेंटिवायरस या एडेनो एसोसिएटेड वायरस-मध्यस्थ आनुवंशिक हेरफेर का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संगठन का नाम | नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर (NBRC) |
| पद का नाम | रिसर्च एसोसिएट-I |
| कुल रिक्तियाँ | 1 |
| मासिक फेलोशिप | ₹58,000 + HRA |
| परियोजना का नाम | ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर में Pax6(+) कॉर्टिकल प्रोजेनिटर्स की भूमिका |
| परियोजना अन्वेषक | डॉ. धनंजय हुइलगोल |
| शैक्षणिक योग्यता | पीएच.डी. (विज्ञान/इंजीनियरिंग) या एम.डी./एम.एस. (चिकित्सा) |
| अनिवार्य अनुभव | पीएच.डी. कार्य से कम से कम एक प्रथम-लेखक प्रकाशन |
| अधिकतम आयु सीमा | 40 वर्ष (22 नवंबर 2026 तक) |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन (डाक द्वारा) |
| आवेदन शुल्क | ₹200 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 22 नवंबर 2026 |
| आवेदन भेजने का पता | प्रशासनिक अधिकारी (अकादमिक), नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर, एनएच-8, मानेसर-122052, जिला गुरुग्राम, हरियाणा |
चयन प्रक्रिया और आवेदन की विधि
आवेदन प्रक्रिया के तहत, उम्मीदवारों को आधिकारिक अधिसूचना (PDF) से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा, जो इसके दूसरे और तीसरे पृष्ठ पर उपलब्ध है। आवेदन पत्र को सावधानीपूर्वक भरना होगा, जिसमें आइटम 1 से 4 को बड़े अक्षरों में लिखना होगा। एक हालिया, हस्ताक्षरित पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ चिपकाना भी अनिवार्य है। आवेदन शुल्क ₹200 निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान 'डायरेक्टर, NBRC, मानेसर' के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से या नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर के बैंक खाते में ऑनलाइन/यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है (खाता संख्या: 915010023259375, IFSC कोड: UTIB0000720, शाखा: IMT मानेसर)।
आवेदन पत्र के साथ योग्यता और अनुभव के स्व-सत्यापित प्रमाण पत्रों की प्रतियां, साथ ही यदि लागू हो तो एससी, एसटी या शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए सत्यापित श्रेणी प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है। बिना स्व-सत्यापित प्रमाण पत्रों के आवेदन को बिना किसी सूचना के सीधे तौर पर अस्वीकृत कर दिया जाएगा। अधूरा या गलत जानकारी वाला आवेदन भी रद्द किया जा सकता है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से 'रिसर्च एसोसिएट-I (प्रोजेक्ट) के लिए आवेदन' अंकित करना होगा और इसे डाक द्वारा 'प्रशासनिक अधिकारी (अकादमिक), नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर, एनएच-8, मानेसर-122052, जिला गुरुग्राम, हरियाणा' के पते पर भेजना होगा।
चयन प्रक्रिया में, एक विधिवत गठित स्क्रीनिंग कमेटी प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और योग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट करेगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि न्यूनतम योग्यता और अनुभव होने मात्र से साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने का अधिकार प्राप्त नहीं होता है। केंद्र शॉर्टलिस्टिंग के संबंध में किसी भी पत्राचार या अंतरिम पूछताछ पर विचार नहीं करेगा। साक्षात्कार में भाग लेने के लिए कोई यात्रा भत्ता (TA) या दैनिक भत्ता (DA) देय नहीं होगा।
हरियाणा में वैज्ञानिक अनुसंधान और रोजगार पर प्रभाव
नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर का गुरुग्राम में स्थित होना हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है, जो राज्य के वैज्ञानिक अनुसंधान और उच्च शिक्षा के परिदृश्य को समृद्ध करता है। यह भर्ती विशेष रूप से तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में राज्य में उच्च-स्तरीय अनुसंधान के अवसरों को बढ़ावा देती है। यह न केवल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष शोधकर्ताओं को हरियाणा की ओर आकर्षित करेगा, बल्कि गुरुग्राम को भारत के प्रमुख अनुसंधान केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।
ऑटिज़्म जैसे जटिल न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर पर शोध में योगदान देने का यह अवसर हरियाणा के युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। यह राज्य की बौद्धिक पूंजी को मजबूत करेगा और दीर्घकालिक रूप से स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में हरियाणा की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा। इस तरह की नियुक्तियाँ राज्य के भीतर एक मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भविष्य की दिशा और केंद्र की प्रतिबद्धता
यह पद प्रारंभ में एक वर्ष की अवधि के लिए है, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन की समीक्षा के बाद दो और वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। हालांकि, यह पद परियोजना के साथ सह-टर्मिनस है, जिसका अर्थ है कि इसकी अवधि परियोजना की समाप्ति के साथ समाप्त हो जाएगी। NBRC में नौकरी का अनुबंध परियोजना के नियमों और केंद्र में प्रचलित नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा विनियमित होता है। NBRC के नियमों के अनुसार और उपलब्धता के अधीन, चयनित उम्मीदवार को आवास भी प्रदान किया जा सकता है, जो शोधकर्ताओं के लिए एक अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





