हरियाणा की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली 'गोल्डन गर्ल' मनीषा भनवाला ने आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मनीषा का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी इस असाधारण उपलब्धि को पूरे देश के लिए 'दिवाली का अग्रिम उपहार' बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की बेटियों ने अपनी मेहनत और जज्बे से यह साबित कर दिया है कि वे दुनिया के किसी भी अखाड़े में किसी से कम नहीं हैं।
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मनीषा भनवाला ने यह उपलब्धि 59 किलोग्राम भार वर्ग में हासिल की है। चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में मनीषा का सामना अमेरिका की मजबूत दावेदार अबीगैल नेट से था। पूरे मैच के दौरान मनीषा ने आक्रामक रणनीति अपनाई और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए अमेरिकी पहलवान को संभलने का मौका नहीं दिया। अंततः मनीषा ने स्वर्ण पदक पर कब्जा कर भारत की झोली में एक ऐतिहासिक जीत डाल दी। अस्ताना में गूंजे राष्ट्रगान ने न केवल मनीषा की मेहनत को सार्थक किया, बल्कि हरियाणा के खेल गलियारों में भी खुशी की लहर दौड़ दी।
| विवरण | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| खिलाड़ी का नाम | मनीषा भनवाला (हरियाणा) |
| प्रतियोगिता | सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 |
| आयोजन स्थल | अस्ताना, कजाकिस्तान |
| भार वर्ग | 59 किलोग्राम (महिला फ्रीस्टाइल) |
| फाइनल प्रतिद्वंद्वी | अबीगैल नेट (अमेरिका) |
| पदक का रंग | स्वर्ण (Gold Medal) |
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मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मनीषा को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार अपनी 'पदक लाओ, पद पाओ' नीति और नकद पुरस्कार योजना के माध्यम से खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनीषा जैसी बेटियां उन हजारों लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं जो ग्रामीण अंचलों से निकलकर खेलों में करियर बनाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी ताकि ओलंपिक 2028 के लिए हरियाणा के अधिक से अधिक खिलाड़ी तैयार हो सकें।
"मनीषा भनवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल हरियाणा का, बल्कि पूरे भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है। यह जीत देश के लिए दिवाली का एक अनमोल तोहफा है। हमारी सरकार खिलाड़ियों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
स्थानीय खेलों और अखाड़ों की परंपरा का परिणाम
मनीषा की यह सफलता हरियाणा की उस गहरी खेल संस्कृति का परिणाम है, जो गांव-गांव में फैले अखाड़ों से शुरू होती है। स्थानीय कोचों और विशेषज्ञों का मानना है कि मनीषा की तकनीक और स्टैमिना अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है। इस जीत के बाद मनीषा के पैतृक गांव और जिले में उत्सव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मनीषा ने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम पाया है और वह आने वाले समय में ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीतेंगी।
भविष्य की रणनीति और आगामी प्रतियोगिताएं
स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब मनीषा का अगला लक्ष्य आगामी एशियाई खेल और विश्व रैंकिंग सीरीज में अपने प्रदर्शन को बरकरार रखना है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मनीषा ने अपनी ट्रेनिंग और डाइट प्लान के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह कठिन अभ्यास और अनुशासन ने उन्हें फाइनल की दबाव वाली परिस्थितियों में शांत रहने में मदद की। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, 59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा की पकड़ अब वैश्विक स्तर पर बेहद मजबूत हो गई है, जिससे भारत की पदक संभावनाओं को बल मिला है।





