हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): UPSC Success Story: देवयानी सिंह हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसके बाद उन्होनें बिट्स पिलानी के गोवा कैंपस में दाखिला लिया और इंस्ट्रूमेंशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया।। देवयानी के पिता भी IAS अधिकारी रहे है।। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास करना कई युवाओं का सपना होता है, लेकिन हर साल कुछ को ही इसमें सफलता मिल पाती है।। कुछ स्टूडेंट इस एग्जाम की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और रोजाना घंटों पढ़ाई करते हैं।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | महेंद्रगढ़ के बेटी ने हफ्ते में सिर्फ 2 दिन पढ़ाई कर क्र |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | महेंद्रगढ़, चंडीगढ़ |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
लेकिन हरियाणा की रहने वाली देवयानी सिंह की कहानी बिल्कुल ही अलग है और उन्होंने हफ्ते में सिर्फ 2 दिन पढ़ाई कर यूपीएससी एग्जाम पास कर लिया।। यूपीएएसी में तीन बार हुई फेल इसलिए डिग्री हासिल करने के बाद देवयानी ने भी UPSC की तैयारी शुरू कर दी।। लेकिन उनके लिए ये सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था।देवयानी ने पहली बार साल 2015 में UPSC की परीक्षा दी।। अपने पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई।। मगर उन्होनें हार नहीं मानी और साल 2016 में फिर से परीक्षा दी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
लेकिन इस बार फिर देवयानी के हाथ हार ही लगी।। दो बार फेल होने के बाद देवयानी ने 2017 में एक बार फिर UPSC की परीक्षा दी।। 2017 में वह इंटरव्यू राउंड तक तो पहुंच गई, लेकिन फाइनल लिस्ट में उनका नाम नहीं आया।। इसके बाद देवयानी ने अपनी पूरी तैयारी के साथ साल 2018 में UPSC क्रैक किया और ऑल इंडिया में 222वीं रैंक हासिल की।। रैंक के मुताबिक देवयानी को सेंट्रल ऑडिट विभाग में नियुक्त किया गया।। हफ्ते में 2 दिन पढाई कर दूसरी बार टॉप किया UPSC लेकिन वह अपनी इस रैंक से खुश नहीं थी।। उन्होनें फिर से परीक्षा देने का मन बना लिया।। लेकिन इस समय वह ट्रेनिंग के कारण परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं दे पा रही थीं।। ऐसे में वह केवल वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को ही वह पढ़ाई करती थी।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





