हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana News : हरियाणा में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
अब जल्द ही 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।। एसआईआर के तहत अब तक करीब 33.84 लाख नाम हटाए जा चुके हैं।। संभावना यह है कि करीब 36 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।। क्योंकि बीएलओ द्वारा की गई जांच में दावों व शिकायतों पर सुनवाई के बाद भी 2.10 लाख मतदाता ऐसे हैं जो अयोग्य मिले हैं।।
| अभियान / राजनीतिक बिंदु | विस्तृत विवरण व स्थिति |
|---|---|
| अभियान / कार्यक्रम का नाम | हरियाणा के 33.84 लाख मतदाता सूची से बाहर, जानें अब दोबा |
| आयोजक दल / संगठन | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| तय तारीख / प्रमुख आंकड़े | 33.84 लाख, 6 नवंबर, 36 लाख, 2.10 लाख |
| कार्यक्षेत्र व ज़िले | गुरुग्राम, फरीदाबाद |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
ऐसे में इनके नाम भी अब मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।। क्योंकि इन मतदाताओं के नाम, पते में गड़बड़ियां पाई गई हैं।। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।। क्योंकि यदि किसी का गलत नाम कट गया है तो उसके दोबारा सूची में एक प्रक्रिया से जोड़ा जा सकता है।। एसआईआर को लेकर हरियाणा निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इस प्रक्रिया से पहले प्रदेश 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 221 मतदाता दर्ज थे।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम और संगठनात्मक गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी रणनीतियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर टिकी हुई हैं।
पहले चरण की प्रक्रिया के उपरांत 44,92,696 मतदाताओं को नोटिस भेज कर इनकी जानकारियां मांगी गई।। इस पर 44,52,327 मामलों में सुनवाई की जा चुकी है और इसके आधार पर 2,10,254 मामलों में मतदाता अपात्र मिले हैं।। फरीदाबाद में 50 प्रतिशत मतदाता अपात्र मतदाता सूचियों से नाम हटाने के मामले में हरियाणा का फरीदाबाद जिला सबसे आगे हैं।। क्योंकि यहां एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 6,83,750 मतदाताओं को विभिन्न कारणों से नोटिस जारी हुए।। इसमें से 6,77,620 मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया हुई और 1,05,846 मतदाता अपात्र पाए गए हैं।। वहीं गुरुग्राम में 4,75,477 नोटिस दिए गए।। इसमें 13,250 नोटिस में मतदाता अपात्र पाए गए हैं।। चुनाव आयोग का कहना है कि यदि किसी भी मतदाता का नाम गलती से कटा है तो इसको दोबारा जुड़वाया जा सकता है।। सबसे पहले 6 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची को ध्यान से देखें।। यदि सूची नाम में नहीं है तो अपने बीएलओ या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





