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जींद में राजस्व अधिकारियों की बड़ी लापरवाही: कोर्ट स्टे के बावजूद जमीन का इंतकाल करने पर नायब तहसीलदार सहित 3 पर FIR

जींद के पिल्लूखेड़ा में कोर्ट स्टे के बावजूद जमीन का इंतकाल दर्ज करने पर नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी पर धोखाधड़ी की FIR दर्ज।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
25 अक्टूबर 2026 को 07:34 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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जींद में राजस्व अधिकारियों की बड़ी लापरवाही: कोर्ट स्टे के बावजूद जमीन का इंतकाल करने पर नायब तहसीलदार सहित 3 पर FIR
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •जींद के पिल्लूखेड़ा थाने में तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और हलका पटवारी के विरुद्ध जालसाजी का केस दर्ज।
  • •कमिश्नर हिसार व SDM कोर्ट सफीदों में मामला लंबित होने और स्टे के बावजूद 33 एकड़ जमीन का किया गया इंतकाल।
  • •राज्य मंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में हुई ग्रीवेंस मीटिंग में उजागर हुआ मामला, अधिकारियों ने स्वीकार की गलती।
  • •पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Cell) की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई।

हरियाणा के जींद जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही और कथित मिलीभगत का मामला सामने आया है। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने एक तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और हलका पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उस समय अमल में लाई गई जब यह स्पष्ट हुआ कि अधिकारियों ने उच्च न्यायालयों (कमिश्नर व एसडीएम कोर्ट) के स्पष्ट स्थगन आदेश (Stay Order) के बावजूद विवादित जमीन का इंतकाल एक पक्ष के नाम दर्ज कर दिया।

यह पूरा मामला गांव रजाना खुर्द की करीब 33 एकड़ जमीन से जुड़ा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 25 सितंबर को आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति (Grievance Meeting) की बैठक में इस पर कड़ा संज्ञान लिया था। मंत्री के आदेशों के बाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Cell) ने मामले की गहनता से जांच की और अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर अब कानूनी शिकंजा कसा गया है।

विवादित जमीन और कोर्ट स्टे की अनदेखी का पूरा घटनाक्रम

गांव रजाना खुर्द निवासी लाभ सिंह ने प्रशासन को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनके परिवार की 33 एकड़ जमीन में तीन हिस्सेदार—बादल सिंह, कर्ण सिंह और दलबीर हैं। जमीन के बंटवारे और इंतकाल को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मामला एसडीएम सफीदों और कमिश्नर हिसार की कोर्ट में लंबित था। विशेष रूप से, कमिश्नर कोर्ट ने इस जमीन के इंतकाल दर्ज करने पर स्टे ऑर्डर जारी किया हुआ था।

बावजूद इसके, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर 9 जुलाई 2025 को इस जमीन का इंतकाल दर्ज कर दिया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में जींद-सफीदों मुख्य मार्ग के साथ लगती 3 एकड़ की बेशकीमती 'प्राइम लैंड' को बादल सिंह के नाम कर दिया गया। पटवारी ने ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी इसकी प्रविष्टि कर दी, जिससे शिकायतकर्ता के अधिकारों का हनन हुआ।

विवरणमहत्वपूर्ण तथ्य एवं आंकड़े
संबंधित गांवरजाना खुर्द, जिला जींद
आरोपी अधिकारी/कर्मचारीतत्कालीन नायब तहसीलदार रणबीर, कानूनगो सुरेश, पटवारी रविदत्त
विवादित भूमि का रकबाकुल 33 एकड़ (करीब 250 मरला)
प्राइम लैंड का विवरणजींद-सफीदों मार्ग पर स्थित 3 एकड़ भूमि
कोर्ट स्टेटसकमिश्नर हिसार (अगली सुनवाई 4 नवंबर), SDM सफीदों (11 नवंबर)
दर्ज धाराएंधोखाधड़ी (Fraud), जालसाजी (Forgery) व अन्य संबंधित धाराएं

मंत्री की बैठक में अधिकारियों ने खुद स्वीकार की अपनी गलती

जब यह मामला राज्य मंत्री गौरव गौतम के सामने ग्रीवेंस मीटिंग में उठा, तो वहां मौजूद राजस्व अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनसे प्रक्रियात्मक चूक हुई है और स्टे ऑर्डर के बावजूद इंतकाल दर्ज करना गलत था। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए न केवल पुलिस जांच के आदेश दिए, बल्कि संबंधित अधिकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

"राजस्व विभाग में इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब कोर्ट का स्टे प्रभावी था, तो किस आधार पर इंतकाल दर्ज किया गया? यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला प्रतीत होता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" - विभागीय जांच के दौरान प्रशासनिक रुख

स्थानीय जनजीवन और प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव

इस घटना ने हरियाणा में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि यदि रसूखदार लोग चाहें तो कोर्ट के आदेशों को भी दरकिनार कर प्रशासनिक साठगांठ से अपने काम निकलवा सकते हैं। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि जिस जमीन के लिए वे सालों से अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, उसे एक कलम के झटके से विवादित तरीके से बदल दिया गया।

शिकायतकर्ता लाभ सिंह ने अब मांग की है कि जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए तीनों आरोपियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। उनका कहना है कि यदि आरोपी अपने पदों पर बने रहते हैं, तो वे रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं या जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।

आगामी कानूनी कार्रवाई और पुलिस की तैयारी

पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार रणबीर, कानूनगो सुरेश और पटवारी रविदत्त के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब राजस्व रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर यह जांच करेगी कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इस इंतकाल को दर्ज करने के बदले में किसी प्रकार के अनुचित लाभ का लेनदेन हुआ था। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की गिरफ्तारी भी संभव है, जिससे जिले के अन्य लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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