हरियाणा में सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते राज्यभर में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के सभी इक्कीस जिलों में आसमान साफ और मौसम शुष्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही सर्द हवाओं ने तापमान के रुख को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, जिससे मैदानी इलाकों में सुबह और देर रात के वक्त हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। हालांकि, दिन के समय खिलने वाली तेज धूप ने संतुलन बनाए रखा है, जिससे दोपहर का वक्त काफी सुहाना महसूस हो रहा है। मौसम विभाग की ओर से फिलहाल किसी भी प्रकार की बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है, और पूरे राज्य का मौसम सूचकांक सुरक्षित श्रेणी यानी 'ग्रीन जोन' में बना हुआ है।
राज्य के कृषि प्रधान क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में अक्टूबर-नवंबर के इस दौर में मौसम का यह बदलाव पारंपरिक रूप से सर्दियों के आगमन का संकेत माना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि अगले एक सप्ताह तक मौसम का यही मिजाज बरकरार रहने की उम्मीद है। न तो किसी नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं और न ही बादलों की आवाजाही की कोई संभावना है। दिन के अधिकतम तापमान में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन न्यूनतम पारे में लगातार आ रही गिरावट से रात के समय रजाई और हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।
क्षेत्रवार तापमान और वायुमंडलीय स्थिति का विश्लेषण
भौगोलिक विविधताओं के चलते हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में तापमान के आंकड़े भिन्न जरूर हैं, लेकिन शुष्क हवाओं का असर हर जगह एक जैसा देखा जा रहा है। उत्तरी मैदानी इलाकों यानी पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में रातें अन्य जिलों की तुलना में ज्यादा ठंडी दर्ज की जा रही हैं, जहाँ सुबह के वक्त हल्की धुंध या ओस की बूंदें भी देखने को मिल रही हैं। वहीं, मध्य और पूर्वी हरियाणा के जिलों जैसे करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और जींद में दिन के वक्त चमकदार धूप खिलने से तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन शाम ढलते ही पारे में तेजी से फिसलन दर्ज की जाती है।
| क्षेत्र / जिला समूह | प्रमुख जिले | दिन का मौसम | रात का मौसम / न्यूनतम प्रभाव |
|---|---|---|---|
| उत्तरी हरियाणा | पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र | साफ आसमान, हल्की धूप | अपेक्षाकृत अधिक ठंडी रातें, धुंध के संकेत |
| मध्य एवं पूर्वी हरियाणा | करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, जींद | शुष्क व सुहाना, दिन में धूप | हल्की ठंडक, पारे में गिरावट जारी |
| पश्चिमी एवं दक्षिणी हरियाणा | हिसार, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, गुरुग्राम | तेज धूप, शुष्क हवाएं (8-12 किमी/घंटा) | नमी में कमी, गुलाबी ठंड की शुरुआत |
पश्चिमी और दक्षिणी छोर पर स्थित जिलों जैसे हिसार, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह में दिन का तापमान लगभग 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। हिसार और आसपास के क्षेत्रों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे वातावरण में नमी का स्तर काफी कम हो गया है। दोपहर की कड़ी धूप के बावजूद शाम होते ही तापमान तेजी से नीचे आता है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी सात दिनों तक इन सभी क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह से खुला रहेगा।
कृषि गतिविधियों पर प्रभाव और किसानों के लिए सलाह
मौसम के इस शुष्क और अनुकूल मिजाज का सबसे सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। राज्य के किसान इस वक्त धान की कटाई, मिनीकिक और अगली फसलों (जैसे सरसों और गेहूं) की बुवाई की तैयारियों में जुटे हुए हैं। खेतों में नमी का स्तर और ऊपर से साफ आसमान किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह शुष्क बना रहता है, तो फसलों की कटाई और भंडारण का काम बिना किसी प्राकृतिक बाधा के सुचारू रूप से पूरा हो जाएगा। किसी भी प्रकार के ओलावृष्टि या भारी बेमौसम बारिश का जोखिम न होने से अन्नदाताओं ने राहत की सांस ली है।
"प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह से टल चुका है। आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई दूर-दूर तक संभावना नहीं है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से रात के न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे एक से दो डिग्री तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और अधिक बढ़ेगा।" - स्थानीय मौसम विशेषज्ञ
आम जनजीवन और यातायात पर असर
मौसम के इस सुहावने बदलाव ने आम जनजीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। पिछले कुछ हफ्तों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को अब सुबह और शाम की ताजी हवा सुकून दे रही है। हालांकि, सुबह के शुरुआती घंटों में उत्तरी जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की धुंध या कोहरा छाने की शुरुआत हो चुकी है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौसम में हो रहे इस क्रमिक बदलाव (दिन में गर्मी और रात में ठंड) के कारण बच्चों और बुजुर्गों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियां आसानी से अपनी चपेट में ले सकती हैं।





