हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के अन्नदाताओं को दीपावली का एक बड़ा और ऐतिहासिक उपहार दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि आगामी दो वर्षों के भीतर गन्ने के सरकारी खरीद मूल्य (SAP) में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी। इस निर्णय का सीधा लाभ हरियाणा के लाखों गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा, जो लंबे समय से लाभकारी मूल्य की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाना है।
गन्ने के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का रोडमैप
मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गन्ने के भाव में यह वृद्धि चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पिछले पेराई सत्र में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे अब बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री ने आगामी सत्रों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2027-28 के पेराई सत्र तक गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँचा दिया जाए। इस कदम से न केवल किसानों की वर्तमान आय में सुधार होगा, बल्कि उन्हें भविष्य की खेती के लिए एक सुनिश्चित वित्तीय सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
| पेराई सत्र (सीजन) | गन्ने का प्रस्तावित भाव (प्रति क्विंटल) | आय में अनुमानित वृद्धि (प्रति एकड़) |
|---|---|---|
| गत वर्ष (2023-24) | 415 रुपये | - |
| आगामी चरण | 430 रुपये (संभावित) | 8,000 - 9,500 रुपये |
| वर्ष 2027-28 तक | 450 रुपये | 10,000 - 11,500 रुपये |
चीनी मिलों की कार्यक्षमता और पैदावार पर पड़ेगा सकारात्मक असर
इस घोषणा के पीछे सरकार का तर्क है कि जब किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा, तो वे गन्ने की खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे। इससे प्रदेश में गन्ने के रकबे में वृद्धि होगी, जिससे हरियाणा की सहकारी और निजी चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल (गन्ना) उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस निर्णय से चीनी मिलों की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग होगा और प्रदेश में चीनी उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकेगा।
"हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ने के दामों में यह बढ़ोतरी केवल एक संख्या नहीं, बल्कि किसानों के पसीने का सम्मान है। हमने पिछले दो वर्षों में न केवल कृषि, बल्कि रोजगार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
सरकार के 2 साल: रोजगार और निवेश पर भी बड़ी उपलब्धियां
गन्ना किसानों के लिए किए गए इस ऐलान के साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकार के दो साल के रिपोर्ट कार्ड पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने 217 संकल्पों में से 70 को पूरी तरह धरातल पर उतार दिया है, जबकि 143 वादों पर कार्य अत्यंत तीव्र गति से जारी है। रोजगार के मोर्चे पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि पिछले 24 महीनों में 46,500 युवाओं को बिना किसी 'खर्ची-पर्ची' के पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए मुख्यमंत्री स्वयं उद्योगपतियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं।
स्थानीय जनजीवन और आगामी प्रशासनिक कदम
प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों में 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' स्थापित करने की योजना भी पाइपलाइन में है, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। गन्ने के भाव में वृद्धि के इस निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए कृषि विभाग और चीनी मिल संघ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक सरल और त्वरित बनाने के लिए डिजिटल तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।





