हरियाणा में आगामी त्योहारों, विशेषकर दीपावली के मद्देनजर कानून व्यवस्था और जन-सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेश में आगजनी की संभावित घटनाओं को शून्य करने और अवैध पटाखों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने एक व्यापक सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पटाखों के गोदामों, दुकानों और भंडारण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण करें। सरकार की प्राथमिकता त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और नागरिकों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की होगी सघन जांच
DGP के आदेशानुसार, अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। संबंधित थाना प्रभारियों (SHOs) और राजपत्रित अधिकारियों (G.O.s) को स्वयं जमीन पर उतरकर दुकानों और गोदामों की भौतिक जांच करनी होगी। इस जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां भी पटाखों का भंडारण किया गया है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं। विशेष रूप से अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers), रेत की बाल्टियों और पानी की उपलब्धता की जांच की जाएगी। यदि किसी स्थान पर सुरक्षा मानकों में कोताही पाई जाती है या लाइसेंस की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, तो तुरंत प्रभाव से उस स्टॉक को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
| निरीक्षण का मुख्य बिंदु | प्रशासनिक मानक एवं निर्देश |
|---|---|
| लाइसेंस की स्थिति | वैध लाइसेंस अनिवार्य, एक्सपायर्ड होने पर जब्ती |
| भंडारण स्थान | घनी आबादी से दूर, केवल खुले व निर्धारित स्थान |
| सुरक्षा उपकरण | अग्निशमन यंत्र, रेत की बाल्टियां और पानी का स्टॉक |
| आपातकालीन निकास | भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स की स्पष्टता |
| संयुक्त टीम जांच | पुलिस, आबकारी, कराधान और शॉप इंस्पेक्टर की भागीदारी |
अवैध भंडारण पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में पटाखों का किसी भी प्रकार का भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि अधिक मुनाफे के लालच में व्यापारी घरों या तंग गलियों के गोदामों में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे जमा कर लेते हैं, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी तबाही का कारण बन सकते हैं। इस बार पुलिस प्रशासन ने ऐसे संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया है। DGP ने निर्देश दिए हैं कि पटाखों की बिक्री के लिए केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत खुले मैदानों और चिन्हित स्थानों को ही अनुमति दी जाए।
"त्योहारों की खुशी में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध पटाखा कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करें। बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन कर पटाखों का स्टॉक करने वालों के खिलाफ सीधे जेल भेजने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" - हरियाणा पुलिस मुख्यालय (आधिकारिक निर्देशानुसार)
संयुक्त टीम और गश्त की रणनीति
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए हरियाणा पुलिस अकेले काम नहीं करेगी। पुलिस विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शॉप इंस्पेक्टरों के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी दल बनाए गए हैं। ये टीमें न केवल गोदामों की जांच करेंगी, बल्कि पटाखों के परिवहन (Transportation) पर भी नजर रखेंगी ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले अवैध पटाखों को सीमा पर ही रोका जा सके। इसके साथ ही, बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए नाकाबंदी और पैदल गश्त (Foot Patrolling) को भी बढ़ा दिया गया है।
अस्पतालों और फायर ब्रिगेड को हाई अलर्ट
प्रशासनिक तैयारियों के तहत केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन सेवा को भी 'स्टैंडबाय' मोड पर रखा गया है। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दीपावली के दौरान बर्न यूनिट्स को तैयार रखें और आपातकालीन ड्यूटी पर डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करें। दमकल विभाग की गाड़ियों को शहर के विभिन्न संवेदनशील पॉइंट्स पर तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी आगजनी की सूचना मिलते ही रिस्पांस टाइम को कम से कम रखा जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
आगामी कानूनी कदम और प्रशासनिक निगरानी
पुलिस महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री या बड़े गोदाम का पता चलता है और स्थानीय पुलिस की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित बीट प्रभारी और थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा। पुलिस सोशल मीडिया और स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से भी सूचनाएं जुटा रही है। कानून का उल्लंघन करने वालों पर विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ कारावास का भी प्रावधान है।





