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हरियाणा में मकान निर्माण के नए नियम तैयार: प्लॉट साइज के अनुसार तय होगी फ्लोर एरिया रेश्यो और ऊंचाई

हरियाणा सरकार ने मकान बनाने के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। अब प्लॉट साइज के आधार पर 16.5 मीटर ऊंचाई, अतिरिक्त FAR और 4 मंजिल तक निर्माण की।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
4 नवंबर 2026 को 10:05 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में मकान निर्माण के नए नियम तैयार: प्लॉट साइज के अनुसार तय होगी फ्लोर एरिया रेश्यो और ऊंचाई
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खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •प्लॉट के आकार के आधार पर निर्माण नियमों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
  • •भवन की अधिकतम ऊंचाई की सीमा को 15 मीटर से बढ़ाकर अब 16.5 मीटर करने का प्रस्ताव है।
  • •200 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर 75 प्रतिशत और बड़े प्लॉट पर 66 प्रतिशत हिस्से में निर्माण की छूट मिलेगी।
  • •स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिल और बेसमेंट निर्माण के लिए नए एफएआर (FAR) मानक निर्धारित।

हरियाणा में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए राज्य सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड में व्यापक संशोधन का एक नया मसौदा तैयार किया है। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के दबाव को कम करना और उपलब्ध भूमि का अधिकतम व व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है। नए नियमों के लागू होने के बाद, मकान मालिकों को न केवल अधिक ऊंचाई वाले भवन बनाने की अनुमति मिलेगी, बल्कि वे अपनी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) भी खरीद सकेंगे।

प्रस्तावित नियमों के तहत, आवासीय भूखंडों को उनकी माप के आधार पर पांच मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 100 वर्ग मीटर तक के छोटे प्लॉट से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के बड़े भूखंड शामिल हैं। सरकार का तर्क है कि नियमों में स्पष्टता आने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और लोग कानूनी दायरे में रहकर बेहतर डिजाइन वाले मकान बना सकेंगे। विशेष रूप से जीटी रोड बेल्ट के शहरों जैसे पानीपत, सोनीपत और करनाल में इस बदलाव का बड़ा असर देखने को मिलेगा, जहां रिहायशी इलाकों में जगह की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

प्लॉट श्रेणियों के आधार पर निर्माण मानकों का विवरण

नए मसौदे में निर्माण क्षेत्र (Ground Coverage) और फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) को लेकर बेहद सटीक गणना की गई है। 100 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर अब बेस एफएआर 165 प्रतिशत होगा, जिसे अतिरिक्त शुल्क देकर 264 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं, 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर कुल जमीन के 75 प्रतिशत हिस्से पर निर्माण की अनुमति दी गई है। इससे बड़े प्लॉट, जो 200 वर्ग मीटर से अधिक हैं, वहां 66 प्रतिशत हिस्से पर ही निर्माण किया जा सकेगा, ताकि वेंटिलेशन और ओपन स्पेस का संतुलन बना रहे।

प्लॉट का आकार (वर्ग मीटर)निर्माण सीमा (Ground Coverage)बेस FAR (%)अधिकतम FAR (%)
100 तक75%165%264%
100 से 25075% (200m तक) / 66%145%264%
250 से 35066%130%240%
350 से 50066%120%240%
500 से 100066%100%240%

ऊंचाई में वृद्धि और मंजिल निर्धारण के नए मानक

शहरी विकास की नई जरूरतों को देखते हुए भवनों की अधिकतम ऊंचाई की सीमा में 1.5 मीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर तय थी, उसे अब बढ़ाकर 16.5 मीटर करने का प्रस्ताव है। यह बदलाव उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जो ऊंची सीलिंग या फॉल्स सीलिंग के साथ आधुनिक इंटीरियर डिजाइन चाहते हैं। मंजिलों की संख्या को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। मकान मालिक ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल (G+3) या फिर स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिल का निर्माण कर सकेंगे।

इसके साथ ही, बेसमेंट निर्माण को लेकर भी नियमों को लचीला बनाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, अब एक बेसमेंट बनाने की अनुमति दी जाएगी, जिसका उपयोग पार्किंग या स्टोरेज के लिए किया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए सुरक्षा मानकों और पड़ोसी इमारतों की नींव की मजबूती का ध्यान रखना अनिवार्य होगा। स्टिल्ट पार्किंग को बढ़ावा देने का उद्देश्य रिहायशी इलाकों में सड़कों पर होने वाली पार्किंग की समस्या को खत्म करना है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण और भविष्य की कार्रवाई

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले तकनीकी विशेषज्ञों और आर्किटेक्ट्स की राय ली गई है। सरकार का मानना है कि एफएआर बढ़ाने से राजस्व में भी वृद्धि होगी, क्योंकि लोग अतिरिक्त निर्माण के लिए सरकार से एफएआर खरीदेंगे। इस राशि का उपयोग संबंधित शहरों के बुनियादी ढांचे जैसे सीवरेज, पानी की लाइन और सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए किया जाएगा।

आगामी दिनों में इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। मंजूरी मिलने के बाद, इसे पूरे हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में लागू कर दिया जाएगा। स्थानीय नगर निगमों और नगर पालिकाओं को निर्देश दिए जाएंगे कि वे नए नक्शों को इन्हीं मानकों के आधार पर पास करें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान फूंकेगा और मध्यम वर्ग के लिए अपने सीमित भूखंड पर अधिक रहने योग्य स्थान बनाना संभव हो पाएगा।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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