गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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हरियाणा में करवा चौथ का चांद: पानीपत, करनाल और गुरुग्राम सहित सभी जिलों में चंद्रोदय का सटीक समय

हरियाणा के पानीपत, करनाल, गुरुग्राम और रोहतक सहित सभी जिलों में करवा चौथ के चांद निकलने का सटीक समय जानें। सुहागिनों के निर्जला व्रत और पूजा विधि की पूरी जानकारी।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
29 अक्टूबर 2026 को 03:10 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में करवा चौथ का चांद: पानीपत, करनाल और गुरुग्राम सहित सभी जिलों में चंद्रोदय का सटीक समय
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा के विभिन्न जिलों में रात 8:12 से 8:24 के बीच होगा चंद्रमा का दीदार।
  • •पंचकूला और चंडीगढ़ में सबसे पहले, जबकि महेंद्रगढ़ में सबसे अंत में दिखेगा चांद।
  • •सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए रखा निर्जला व्रत, मंदिरों में उमड़ी भीड़।
  • •कार्तिक मास की चतुर्थी पर परंपरा और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है अखंड सौभाग्य का पर्व।

हरियाणा के कोने-कोने में आज अखंड सौभाग्य का पर्व करवा चौथ बड़ी ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह के ब्रह्म मुहूर्त से ही सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के संकल्प के साथ निर्जला व्रत का आरंभ किया। प्रदेश के जीटी रोड बेल्ट से लेकर दक्षिण हरियाणा तक के बाजारों में आज भारी रौनक देखी जा रही है। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रही हैं, जहां करवा चौथ की पौराणिक कथाओं का श्रवण किया जा रहा है।

राजधानी चंडीगढ़ सहित हरियाणा के प्रमुख शहरों जैसे पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र के मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है। सेक्टर-20 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और विभिन्न स्थानीय गुग्गा माड़ी मंदिरों में सामूहिक कथा वाचन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा रही है, जिसमें मिट्टी के करवे और दीपकों का विशेष महत्व बताया गया है। अब सभी की निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं, क्योंकि चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही यह कठिन व्रत संपन्न होगा।

हरियाणा के विभिन्न शहरों में चंद्रोदय का समय

खगोलीय गणनाओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार, हरियाणा के अलग-अलग जिलों में चंद्रमा के उदय होने के समय में कुछ मिनटों का अंतर देखा जाएगा। प्रदेश में सबसे पहले चांद का दीदार पंचकूला और अंबाला की ओर होगा, वहीं दक्षिण-पश्चिम जिलों जैसे सिरसा और महेंद्रगढ़ में यह थोड़ा विलंब से दिखाई देगा।

शहर/जिलाचांद निकलने का संभावित समय
पंचकूला, चंडीगढ़, यमुनानगररात 08:12 बजे
अंबाला, हिसाररात 08:13 बजे
कुरुक्षेत्ररात 08:14 बजे
करनाल, कैथलरात 08:15 बजे
पानीपतरात 08:16 बजे
सोनीपत, फरीदाबाद, जींदरात 08:17 बजे
गुरुग्राम, फतेहाबाद, पलवलरात 08:18 बजे
रोहतक, झज्जररात 08:19 बजे
सिरसा, नूंह (मेवात)रात 08:20 बजे
भिवानीरात 08:21 बजे
चरखी दादरीरात 08:22 बजे
रेवाड़ीरात 08:23 बजे
महेंद्रगढ़ (नारनौल)रात 08:24 बजे

धार्मिक महत्व और पारंपरिक पूजा पद्धति

हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल एक उपवास नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय की पूजा करने से वैवाहिक जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति में इस दिन 'करवा' बदलने की परंपरा भी काफी प्रचलित है, जिसमें महिलाएं आपस में करवे बदलकर सुख-दुख साझा करने का संकल्प लेती हैं।

"करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के अटूट विश्वास का प्रतीक है। विधि-विधान से कथा सुनने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और पारिवारिक समृद्धि की प्राप्ति होती है।"

स्थानीय प्रशासन और बाजारों की स्थिति

त्योहार के मद्देनजर पानीपत के पचरंगा बाजार, करनाल के कुंजपुरा रोड और रोहतक के किला रोड जैसे व्यस्त बाजारों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि महिलाओं को आवाजाही में कोई असुविधा न हो। मिठाई की दुकानों और फूलों के बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। विशेष रूप से 'सरगी' और पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री में भारी उछाल देखा गया है।

व्रत खोलने की विधि और आगामी सावधानी

चंद्रोदय के पश्चात छलनी से चंद्रमा के दर्शन करने और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद जल से अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। ज्योतिषाचार्यों का सुझाव है कि बदलते मौसम को देखते हुए व्रत खोलने के बाद महिलाओं को एकदम से भारी भोजन की जगह तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। प्रशासन ने भी देर रात तक चलने वाले उत्सवों को देखते हुए सड़कों पर गश्त बढ़ा दी है ताकि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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