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हरियाणा में डॉक्टरों और नर्सों के लिए डिजिटल आईडी अनिवार्य, 90 दिन में पंजीकरण न होने पर छिन जाएगा प्रैक्टिस का अधिकार

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्टों के लिए एचपीआर आईडी अनिवार्य की। 90 दिन में पंजीकरण न कराने पर प्रैक्टिस निलंबित होगी और इलाज पर रोक।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
1 नवंबर 2026 को 10:18 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा में डॉक्टरों और नर्सों के लिए डिजिटल आईडी अनिवार्य, 90 दिन में पंजीकरण न होने पर छिन जाएगा प्रैक्टिस का अधिकार
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकरण को अनिवार्य किया।
  • •निर्धारित 90 दिनों की समय सीमा के भीतर आईडी न बनवाने पर स्वास्थ्यकर्मियों का लाइसेंस होगा निलंबित।
  • •डॉक्टरों के अलावा नर्स, एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट और आयुष चिकित्सकों पर भी लागू होगा यह नियम।
  • •आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर स्वास्थ्यकर्मी को मिलेगी एक विशिष्ट डिजिटल पहचान।

हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश के सभी पात्र स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अब डिजिटल पहचान पत्र यानी हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के दायरे में केवल एमबीबीएस डॉक्टर ही नहीं, बल्कि दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, नर्स, एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट और बीएससी-एमएससी नर्सिंग प्रोफेशनल भी शामिल होंगे।

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का एक सटीक और प्रमाणित डेटाबेस तैयार करना है। यह पहल केंद्र सरकार के 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' का एक अभिन्न हिस्सा है। यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी एचपीआर आईडी जनरेट नहीं करता है, तो उसे भविष्य में मरीजों के इलाज और क्लीनिकल प्रैक्टिस से वंचित किया जा सकता है।

अनिवार्यता और पंजीकरण की समय सीमा का गणित

स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नए पंजीकरण या पुराने पंजीकरण के नवीनीकरण (Renewal) के समय एचपीआर आईडी का होना अनिवार्य है। यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी के पास आवेदन के समय यह आईडी नहीं है, तो उसे इसे बनवाने के लिए अधिकतम 10 दिन का समय दिया जाएगा। यदि वह इस अवधि में आईडी प्रस्तुत नहीं करता, तो उसका अस्थायी पंजीकरण तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा।

श्रेणी / विवरणनियम और समय सीमा
प्रभावित स्वास्थ्यकर्मीडॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, आयुष चिकित्सक, एएनएमअनिवार्य पंजीकरणहेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR)
अस्थायी पंजीकरण अवधिअधिकतम 90 दिन
आईडी बनवाने की मोहलतअधिसूचना के 30 दिन के भीतर पंजीकरण वालों को 30 दिन अतिरिक्त
निलंबन का आधार90 दिन तक आईडी न होने पर स्वतः निलंबन

90 दिनों का अल्टीमेटम: लापरवाही पड़ेगी भारी

नए नियमों के तहत, यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी 90 दिनों के भीतर अपनी डिजिटल आईडी प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसका अस्थायी पंजीकरण (Provisional Registration) स्वतः ही रद्द माना जाएगा। निलंबन के बाद, संबंधित पेशेवर को अपनी प्रैक्टिस बहाल कराने के लिए फिर से आवेदन करना होगा और सक्षम अधिकारी की विशेष मंजूरी लेनी होगी। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग स्वास्थ्यकर्मियों को तीन बार रिमाइंडर भी भेजेगा। पहला संदेश 30 दिन पर, दूसरा 60 दिन पर और अंतिम चेतावनी 75वें दिन ईमेल और मोबाइल पर दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और फर्जी प्रैक्टिस पर लगाम लगाने के लिए लागू की गई है। सभी संबंधित परिषदों को इसे कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों और स्वास्थ्य प्रणाली पर क्या होगा असर?

इस डिजिटल रजिस्ट्री से मरीजों को यह लाभ होगा कि वे किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की योग्यता और क्रेडेंशियल्स की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे। इससे प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी डिग्री के आधार पर काम करने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी। वहीं, सरकार के पास वास्तविक समय में यह जानकारी उपलब्ध होगी कि किस जिले में कितने विशेषज्ञ और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद हैं, जिससे स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी।

ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया

स्वास्थ्यकर्मी अपनी एचपीआर आईडी के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित मेडिकल या नर्सिंग काउंसिल को 10 दिनों के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो आईडी तुरंत जारी कर दी जाएगी। जो पेशेवर वर्तमान में कार्यरत हैं और जिनका पंजीकरण नवीनीकरण के लिए लंबित है, उन्हें इस प्रक्रिया से गुजरना ही होगा।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

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