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हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण पर सरकार का कड़ा रुख, सीएम के प्रधान सचिव ने पक्का करने की मांग को नकारा

हरियाणा में 10,757 गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की मांग पर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सीएम के प्रधान सचिव के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद अब शिक्षक बड़े।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
2 नवंबर 2026 को 12:23 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण पर सरकार का कड़ा रुख, सीएम के प्रधान सचिव ने पक्का करने की मांग को नकारा
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा सरकार ने 10,757 गेस्ट टीचर्स को नियमित करने की मांग को सिरे से खारिज किया।
  • •मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर और शिक्षक संघ के बीच हुई बैठक रही बेनतीजा।
  • •सरकार ने 24 अक्टूबर को जारी स्पीकिंग ऑर्डर को वापस लेने से किया साफ इनकार।
  • •गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा अब प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।

हरियाणा के शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाओं को नियमित करने की बाट जोह रहे 10,757 गेस्ट टीचर्स को राज्य सरकार से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान मुख्य सचिव (CPS) राजेश खुल्लर और गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हो गई। करीब 30 मिनट तक चली इस वार्ता में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शिक्षकों को पक्का करने के पक्ष में फिलहाल कोई कानूनी रास्ता नहीं देख रही है।

चंडीगढ़ में हुई वार्ता का पूरा घटनाक्रम

गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर राजेश खुल्लर के आवास पर मुलाकात की थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 24 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए उस 'स्पीकिंग ऑर्डर' पर चर्चा करना था, जिसमें गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की संभावनाओं को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था। बैठक के दौरान एसोसिएशन ने तर्क दिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के आलोक में उन्हें नियमित किया जाना चाहिए, लेकिन सरकारी पक्ष ने इस पर असहमति जताई।

महत्वपूर्ण विवरणतथ्य और आंकड़े
कुल प्रभावित गेस्ट टीचर्स10,757
मुख्य आधिकारिक वार्ताकारराजेश खुल्लर (प्रधान मुख्य सचिव, CM)
विभागीय आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) तिथि24 अक्टूबर 2024
आंदोलन की शुरुआत21 अक्टूबर (सिरसा से न्याय यात्रा)
शिक्षकों की प्रमुख मांग3 साल की पॉलिसी के तहत नियमितीकरण

सरकार का तर्क: क्यों नहीं हो सकते नियमित?

बैठक के दौरान प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर ने दो-टूक शब्दों में कहा कि सरकार द्वारा जारी किया गया स्पीकिंग ऑर्डर एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे अब वापस नहीं लिया जा सकता। विभाग का मानना है कि इन गेस्ट टीचर्स की शुरुआती नियुक्तियां निर्धारित भर्ती नियमों और विज्ञापित प्रक्रियाओं के अनुसार नहीं हुई थीं, जिसके कारण उन्हें सीधे तौर पर नियमित कैडर में शामिल करना प्रशासनिक और कानूनी रूप से जटिल है। हालांकि, खुल्लर ने यह आश्वासन जरूर दिया कि नियमितीकरण के अलावा अन्य सुविधाओं या सहयोग के मामले में सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है।

"सरकार स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है और इसे वापस लेना संभव नहीं है। यदि शिक्षक इस आदेश से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे इसे न्यायालय में चुनौती देने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकार अन्य प्रशासनिक सहयोग के लिए तैयार है।" - राजेश खुल्लर, प्रधान मुख्य सचिव (बैठक के दौरान चर्चा के अनुसार)

शिक्षक संघ का पलटवार और आगामी रणनीति

गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने वार्ता के बाद कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर टालमटोल की नीति अपना रही है। लोहान के अनुसार, जब गेस्ट टीचर्स कोर्ट से केस जीत चुके हैं, तो सरकार को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय कोर्ट के फैसले को लागू कर नियमितीकरण की नीति बनानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लेक्चरर श्रेणी में इसी तरह के मामलों में राहत दी जा सकती है, तो अन्य गेस्ट टीचर्स के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

स्थानीय जनजीवन और शिक्षा व्यवस्था पर संभावित प्रभाव

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में गेस्ट टीचर्स कार्यरत हैं, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। यदि शिक्षक संघ अपने निर्णय के अनुसार प्रदेशव्यापी आंदोलन पर जाता है, तो इसका सीधा असर स्कूलों की पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर पड़ सकता है। सिरसा से शुरू हुई 'न्याय यात्रा' ने पहले ही यह संकेत दे दिया है कि शिक्षक इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। कुरुक्षेत्र, पानीपत और रोहतक जैसे जिलों में भी शिक्षकों की लामबंदी तेज हो गई है।

आगे की कार्रवाई: प्रदेशभर में बैठकों का दौर

संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की है कि वे जल्द ही हरियाणा के सभी जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की एक आपातकालीन बैठक बुलाएंगे। इस बैठक में सरकार के इस रुख के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी। शिक्षकों का कहना है कि वे 21 अक्टूबर से सड़कों पर हैं और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का उनका कार्यक्रम अभी भी पाइपलाइन में है। अब देखना यह होगा कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आश्वासनों और प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती के बीच सरकार इस गतिरोध को कैसे सुलझाती है।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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