हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): दैनिक रियलिटी: हरियाणा के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में निर्माण और विध्वंस (C&D Waste) मलबे का समय पर निस्तारण न होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। राज्य के कई शहर मलबे के प्रबंधन के मामले में पिछड़ते नजर आ रहे हैं, जिसका सीधा असर आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर पड़ सकता है।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस स्थिति से निपटने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।। स्वच्छ सर्वेक्षण में क्यों पिछड़ रहे हैं हरियाणा के शहर?। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत कचरा प्रबंधन के साथ-साथ निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना अनिवार्य होता है।। पानीपत, करनाल, रोहतक, सोनीपत और गुरुग्राम जैसे बड़े औद्योगिक और शहरी बेल्ट में भवनों के निर्माण और तोड़फोड़ से रोजाना भारी मात्रा में मलबा निकलता है।।
| योजना व जनहित बिंदु | महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश |
|---|---|
| योजना / पहल का नाम | हरियाणा में मलबे के निस्तारण की लचर व्यवस्था, स्वच्छ सर |
| लक्षित लाभार्थी / ज़िले | करनाल, पानीपत, सोनीपत के पात्र नागरिक व परिवार |
| वित्तीय व सामाजिक लाभ | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व सरकारी सहायता |
| प्रशासनिक विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
उचित प्लांट और साइट्स के अभाव में यह मलबा अक्सर सड़कों के किनारे, खाली प्लॉटों या नालों के पास फेंक दिया जाता है।। तीन नए प्लांट लगाने की योजना इस गंभीर समस्या से पार पाने के लिए शासन स्तर पर मंथन तेज हो गया है।। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य में मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए तीन नए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।। इन प्लांटों के शुरू होने से मलबे को रिसाइकिल करके रीसाइकल उत्पाद जैसे टाइल्स, ईंटें और सड़क निर्माण सामग्री बनाई जा सकेगी, जिससे शहर साफ-सुथरे रहेंगे।। प्रशासनिक सख्ती और दिशा-निर्देश शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी जिला नगर आयुक्तों और निगम कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मलबे डंपिंग जोन को चिन्हित करें।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, खुले में मलबा फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और चालान काटने के भी सख्त आदेश दिए गए हैं ताकि स्वच्छता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न हो सके।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





