हरियाणा की राजनीति में इन दिनों चुनावी निष्पक्षता और संगठन की मजबूती को लेकर नई बहस छिड़ गई है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक नई राजनीतिक जंग का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में मीडिया से विशेष बातचीत के दौरान, दत्त ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह 'लोकतंत्र बचाओ' आंदोलन के जरिए जनता के बीच जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की साख पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की है।
ईवीएम बनाम बैलेट पेपर: लोकतंत्र पर गहराता अविश्वास?
संजय दत्त ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता का विश्वास इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से पूरी तरह उठ चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज आम चर्चा यह है कि 'ईवीएम' का मतलब 'एवरी वोट फॉर मोदी' हो गया है। दत्त के अनुसार, जब दुनिया के कई प्रगतिशील और विकसित राष्ट्र बैलेट पेपर की ओर लौट चुके हैं, तो भारत में इसे अपनाने में क्या आपत्ति है? उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग मिलकर बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए मताधिकार को 'एसआईआर' (SIR) जैसी प्रक्रियाओं के जरिए प्रभावित कर रहे हैं।
| प्रमुख मुद्दा | संजय दत्त की मांग/बयान | लक्ष्य/प्रभाव |
|---|---|---|
| चुनाव प्रक्रिया | बैलेट पेपर से मतदान की वापसी | पारदर्शिता और जन-विश्वास बहाली |
| चुनाव आयोग | CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी | अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच |
| आगामी कार्यक्रम | 1 नवंबर, दिल्ली महारैली | इंडिया ब्लॉक का शक्ति प्रदर्शन |
| संगठनात्मक स्थिति | गुटबाजी पर नियंत्रण और एकजुटता | हरियाणा में कांग्रेस को नंबर 1 बनाना |
| विपक्ष पर हमला | स्मृति ईरानी और अमित शाह के दावे | बीजेपी की गिरती साख का दावा |
प्रशासनिक जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखे प्रहार
कांग्रेस प्रभारी ने केवल चुनावी प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी निर्णयों की उच्च स्तरीय समीक्षा होनी चाहिए। दत्त ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें पद से हटाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि वे साक्ष्यों और जांच को प्रभावित न कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव प्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो यह लोकतंत्र के भविष्य के लिए घातक सिद्ध होगा।
"अगर आपको स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने हैं, तो बैलेट पेपर ही एकमात्र विकल्प है। जब जनता का भरोसा मशीन से उठ गया है, तो सरकार और चुनाव आयोग पुरानी पद्धति पर लौटने से क्यों डर रहे हैं? यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है।" - संजय दत्त, प्रभारी, हरियाणा कांग्रेस
भाजपा के दौरों और पंजाब में एनडीए की संभावनाओं पर पलटवार
हरियाणा भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के हालिया दौरे पर टिप्पणी करते हुए संजय दत्त ने कहा कि भाजपा को अपनी गिरती साख का एहसास हो गया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक सभी जानते हैं कि हरियाणा में सत्ता उनके हाथ से फिसल रही है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पंजाब में एनडीए सरकार बनने के दावे पर उन्होंने इसे 'ख्याली सपने' करार दिया। दत्त के अनुसार, पंजाब की जनता भाजपा की नीतियों से सबसे अधिक असंतुष्ट है और वहां कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प के रूप में उभर रही है।
संगठनात्मक एकजुटता: क्या हरियाणा में बदलेगी कांग्रेस की तस्वीर?
लंबे समय से गुटबाजी के आरोपों से जूझ रही हरियाणा कांग्रेस में बदलाव के संकेत देते हुए संजय दत्त ने कहा कि पार्टी अब एक परिवार की तरह एकजुट है। उन्होंने बताया कि बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं में नया जोश है। दत्त ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में हरियाणा कांग्रेस देश का नंबर वन राज्य संगठन बनेगा। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय एजेंडा और लोकतंत्र को बचाने की बात आती है, तो पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे छोड़कर एकजुटता के साथ खड़ा है।





