हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला. दरअसल, चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस की ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली और राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान के नारे पर सवाल उठाए. उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंजाब की कानून व्यवस्था और आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर भी सवाल खड़े किए.कांग्रेस देश का माहौल खराब करने में जुटी: कांग्रेस की ओर से लगातार ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर नायब सैनी ने कहा कि, कांग्रेस देश का माहौल खराब करने में जुटी हुई है. कांग्रेस पार्टी देश का माहौल खराब करने का काम कर रही है. अभी विधान परिषद के चुनाव बैलेट पेपर से हुए हैं, उनका हाल सबने देख लिया. 2029 में भी यही होने वाला है. साथ ही सीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों पर कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं के प्रतीक हैं और गरीबों को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं. उज्ज्वला योजना, गरीबों के इलाज और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर ही नहीं, कांग्रेस हर अच्छे काम का विरोध करती है. कांग्रेस की सोच पिछड़ी हुई है. 1984 के दंगों का जिक्र कर राहुल गांधी से पूछा सवाल: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली को लेकर मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी वहां मोहब्बत की दुकान खोलने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि 1984 के दंगों के दौरान कांग्रेस की मोहब्बत कहां थी?। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
हरियाणा में भी कांग्रेस के शासनकाल में क्या हालात बने थे, हमने देखा है. लोगों के घरों और दुकानों को जला दिया गया था. क्या राहुल गांधी की यही मोहब्बत की दुकान है?। जब पाकिस्तान से आतंकवादी भारत में आते थे और लोगों की जान लेकर चले जाते थे, तब कांग्रेस की ओर से कोई प्रभावी प्रतिक्रिया सामने नहीं आती थी. क्या राहुल गांधी 1 नवंबर को इसी तरह की मोहब्बत की दुकान सजाने जा रहे हैं?। मोदी सरकार के काम गिनाकर कांग्रेस पर साधा निशाना: मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों, महिलाओं और किसानों के लिए काम कर रहे हैं. कांग्रेस किसानों के खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता पर भी सवाल उठाती है. प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लिए जिस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. देश के लोग कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे. कांग्रेस को विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए, लेकिन वह लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी कर रही है. अखिलेश और केजरीवाल को भी घेरा: मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के गठबंधन सहयोगियों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि, क्या समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में शामिल होंगे?। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कानून व्यवस्था कैसे थे?।
| अभियान / राजनीतिक बिंदु | विस्तृत विवरण व स्थिति |
|---|---|
| अभियान / कार्यक्रम का नाम | राहुल गांधी की "मोहब्बत की दुकान" पर CM सैनी का हमला, ब |
| आयोजक दल / संगठन | हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी / AICC |
| तय तारीख / प्रमुख आंकड़े | 1 नवंबर, 140 करोड़, 50 हजार, 25 लाख |
| कार्यक्षेत्र व ज़िले | चंडीगढ़, दिल्ली |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
प्रदेश में उस समय हुए दंगों और हालात को जनता भूली नहीं है. क्या केजरीवाल भी मोहब्बत की दुकान सजाएंगे?। केजरीवाल झूठ बोलने में कांग्रेस से भी चार कदम आगे हैं. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की दस साल की सरकार के दौरान कितने बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बने?। केजरीवाल को ऐसे बच्चों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए. हरियाणा में हमारे प्रयासों से कितने बच्चे आईटी क्षेत्र में गए और कितने डॉक्टर व इंजीनियर बने, इसका विवरण वह भी जारी कर सकते हैं. विपक्ष देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा. कांग्रेस इसमें सफल नहीं होगी. गुजरात दौरे में 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने गुजरात दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को एक अच्छी दिशा दी है और आज यह मजबूत प्रदेश के रूप में स्थापित है. दौरे के दौरान गुजरात के कारोबारियों और उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया. दौरे के दौरान मैंने वहां के कारोबारियों को हरियाणा में निवेश करने का निमंत्रण दिया है. करीब 50 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं. उद्योगपतियों ने हरियाणा में कारोबार स्थापित करने और अपने मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने में रुचि दिखाई है. सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक निवेश हरियाणा में आए और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों. पंजाब में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल: पंजाब में जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि, पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और हालात पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा खराब हैं. इसी कारण जनता जल्द चुनाव कराने की मांग कर रही है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने पांच साल विकास करने की बजाय चुटकुले सुनाकर गुजार दिए. लेकिन चुटकुलों से पेट नहीं भरता, आज का युवा रोजगार मांगता है. आम आदमी पार्टी ने 25 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब उसे इसका जवाब देना चाहिए. आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने के छह महीने के भीतर पंजाब से नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन आज नशे की समस्या बढ़ चुकी है. पंजाब की जनता रोजगार, विकास और बेहतर कानून व्यवस्था चाहती है, जबकि सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है. राहुल गांधी की "मोहब्बत की दुकान" पर CM सैनी का हमला, बोले- "क्या 1984 के दंगे और हरियाणा में जले घर-दुकानें ही है आपकी मोहब्बत?" IND vs NZ: वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारत को लगा बड़ा झटका, तेज गेंदबाज पूरी सीरीज से हुआ बाहर कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत; आईटी शेयरों में तेजी ISRO आज रात लॉन्च करेगा GSLV-F18: अंतरिक्ष में जाएगा नया नेविगेशन सैटेलाइट, ऐसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम और संगठनात्मक गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी रणनीतियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर टिकी हुई हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था व जनसुविधा पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





