हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश हित से जुड़े कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। बैठक में कुल 7 प्रमुख एजेंडे रखे गए थे, जिन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। सरकार ने इस बैठक के माध्यम से युवाओं को विदेशों में धोखाधड़ी से बचाने, किसानों को जमीन का उचित हक दिलाने और गौवंश के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक के उपरांत मीडिया से मुखातिब होते हुए इन फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की।
ट्रैवल एजेंटों पर नकेल: 'डंकी रूट' और धोखाधड़ी का होगा अंत
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं को फर्जी ट्रैवल एजेंटों के चंगुल से बचाने के लिए 'हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026' को स्वीकृति दे दी है। अब राज्य में किसी भी प्रकार की विदेश भेजने वाली एजेंसी, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी या टिकटिंग सेवा प्रदान करने वाले एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। यह कदम हाल के वर्षों में बढ़े 'डंकी रूट' (अवैध प्रवेश) और मानव तस्करी के मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है। नए नियमों के तहत अब प्रत्येक शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद 30 दिनों के भीतर लाइसेंस जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता 3 वर्ष होगी।
| प्रमुख योजना/नीति | मुख्य निर्णय एवं प्रावधान | प्रभावित वर्ग | |
|---|---|---|---|
| ट्रैवल एजेंट नियम 2026 | अनिवार्य पंजीकरण और 3 साल की लाइसेंस वैधता | विदेश जाने वाले युवा व एजेंट | |
| लैंड पूलिंग पॉलिसी 2026 | 50:50 का हिस्सा और 1 लाख रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता | किसान व भू-मालिक | |
| कॉलेज कैडर भर्ती नियम | 10+2 विज्ञान अनिवार्य और 5 वर्ष का अनुभव जरूरी | बेरोजगार युवा व कर्मचारी | |
| टीडीआर नीति संशोधन | कलेक्टर रेट आधारित मूल्यांकन और प्रदेश भर में उपयोग | रियल एस्टेट व विकासकर्ता |
नई लैंड पूलिंग और टीडीआर नीति: किसानों और बुनियादी ढांचे को मजबूती
मंत्रिमंडल ने 'लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026' को मंजूरी देकर भू-मालिकों के लिए विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। अब किसी भी विकास परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान को कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत विकसित हिस्सा वापस मिलेगा। इसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक प्लॉट शामिल होंगे। इसके अलावा, किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए 1 लाख रुपये प्रति एकड़ वार्षिक अंतरिम सहायता 4 वर्षों तक दी जाएगी। वहीं, ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति में संशोधन करते हुए अब इसका दायरा पूरे प्रदेश में बढ़ा दिया गया है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और भूमि मूल्यांकन कलेक्टर रेट के आधार पर होगा।
"हमारी सरकार का संकल्प पारदर्शी व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य है। चाहे वह युवाओं को फर्जी एजेंटों से बचाना हो या किसानों को उनकी जमीन का हक दिलाना, हमने हर वर्ग के हित में कड़े फैसले लिए हैं। प्रदेश की 629 गौशालाओं के लिए 86 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करना गौ-सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
शिक्षा क्षेत्र में सुधार और गौ-संरक्षण की दिशा में कदम
शिक्षा विभाग में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1986 में संशोधन किया गया है। अब जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती के लिए भौतिक, रसायन, गणित या जीव विज्ञान के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य होगा। साथ ही, लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में 5 वर्ष का कार्य अनुभव भी आवश्यक कर दिया गया है। पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 629 गौशालाओं को चारे और शेड निर्माण के लिए 86.95 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, संविधान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए 26 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र भी आहूत किया जाएगा।
प्रशासनिक सतर्कता और भविष्य की राह
इन फैसलों के लागू होने से प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी। पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की सूची अब अंत्योदय सरल पोर्टल और पुलिस की वेबसाइट पर सार्वजनिक होगी, जिससे आम नागरिक धोखाधड़ी से बच सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में विकास की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जाए।





