हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Link Expressway Haridwar : हरियाणा राजस्थान, पंजाब की तरफ से उत्तर प्रदेश के हरिद्वार तक का सफर सुहाना होने जा रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के निर्माण की खातिर यूपी के अमरोहा जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।। इसके तहत जिले के 52 गांवों के करीब 950 किसानों की जमीन ली जाएगी।। प्रशासन ने जमीनों के मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण की कार्रवाई शुरू कर दी है।। प्रशासन की ओर से जमीनों की दरों का प्रस्ताव तैयार कर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को भेजा जाएगा और मुआवजे की दरें निर्धारित होने के बाद किसानों की सहमति से जमीनों की खरीद और बैनामे कराए जाएंगे।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरिद्वार का सफर होगा आसान, 52 गांवों के किसानों पर बरसे |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | हरियाणा (संबंधित क्षेत्र) |
| संबंधित संस्था / विभाग | हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड / मार्केट कमेटी |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 11 सितंबर |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
जमीन के लिए सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है।। दो तहसीलों के गांवों से गुजरेगा लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जो लिंक एक्सप्रेस वे बनेगा, वह हसनपुर तहसील के 17 और मंडी धनौरा तहसील के 35 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगा।। जिले में 11 सितंबर को नए सर्किल रेट लागू किए गए थे।। अब इन्हीं दरों के आधार पर जमीनों के मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।। जिला विशेष अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह के अनुसार, जमीनों की दरें तय करने के लिए रिपोर्ट मंडलायुक्त के माध्यम से यूपीडा को भेजी जा रही है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
दरें निर्धारित होते ही किसानों से जमीनों के बैनामे कराए जाएंगे।। 147 किलोमीटर की दूरी होगी कम गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण मेरठ से प्रयागराज तक पूरा हो चुका है।। अब इसे अमरोहा से हरिद्वार तक जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।। करीब 147 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित लिंक मार्ग से हरिद्वार की यात्रा पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।। एक्सप्रेसवे बनने से अमरोहा की कृषि उपज और स्थानीय उत्पादों को बिजनौर, हरिद्वार सहित उत्तराखंड के अन्य बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा।। इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील के कुल 52 गांवों में भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है।। इनमें रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, आलमपुर, आब्दीपुर, कटाई, पूठी, अटाली मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना असगरी अली खान, जलालपुर कला गांव शामिल हैं।। इसके अलावा झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर, भूड़, अफजलपुर लूट, मोहम्मदी माफी, हाशमपुर भूड़, कौराला, होशंगपुर उर्फ कटपुरा, चक कुआखेड़ा, कुआखेड़ा, बाखरपुर माफी, छज्जूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर चौधरियान, पेली, बढ़पुरा, खंडसाल, रसौती, वंशगोपालपुर, डींगरा, पट्टीपारा माफी, पारा खालसा और वालीपुर शामिल हैं।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





