हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana Metro Update : ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार के रास्ते में हर दिन नया रोड आ रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
यह मामला सेक्टर 10 में बनने वाले मेट्रो स्टेशन को लेकर है।। क्योंकि यहां वन विभाग स्टेशन निर्माण के लिए जमीन देने को तो तैयार है, लेकिन इसके लिए एक शर्त रख दी है।। दरअसल गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड यानी जीएमआरएल पुराने शहर में मेट्रो का विस्तार कर रहा है।। इसके तहत ही तहत सेक्टर-10 में मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | ओल्ड गुरुग्राम में मैट्रो विस्तार पर फिर फसा पेच! अब वन |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | गुरुग्राम |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 2 साल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
इसको लेकर वन विभाग जमीन देने को तो राजी हो गया है, लेकिन विभाग ने इसके बदले डबल जमीन की मांग जीएमआरएल के समक्ष रखी है।। सर्विस रोड के लिए भी चाहिए जमीन दरअसल मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सर्विस रोड भी तैयार किया जाना है।। इसके लिए एनएचएआई द्वारा इस निर्माण के रास्ते में आ रहे वन क्षेत्र की जमीन का प्रस्ताव तैयार करवाया है।। इसके लिए काम सौंपा गया, राइट्स लिमिटेड को, जब एजेंसी ने इसका सर्वे किया तो सामने आया कि वन विभाग का करीब एक हैक्टेयर क्षेत्र परियोजना के लिए चाहिए।। हालांकि इसको लेकर जीएमआरएल द्वारा की गई बैठक में यह कहा गया था ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के निर्माण में कोई भी बाधा नहीं आ रही है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं इस परियोजना में देरी हो रही है।। हालांकि जो भी बाधा हैं, उनको दूर करने के लिए जीएमआरएल के चेयरमैन पीसी मीणा ने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी।। इन बाधाओं को जल्द से जल्द हटाने के निर्देश दिए गए।। इस परियोजना को 24 महीने यानी 2 साल के भीतर पूरी करने की डेडलाइन तय की गई थी।। हालांकि इस डेडलाइन के 14 महीने जा चुके हैं, लेकिन अभी तक काम खास आगे नहीं बढ़ा है।। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत करीब 15 किमी लंबा मेट्रो मार्ग बनाया जाना है।। इस पर 14 मेट्रो स्टेशन बनने हैं।। वहीं अभी तक मेट्रो स्टेशन नहीं बने हैं।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





