साइबर सिटी गुरुग्राम में अपराधियों ने अब तकनीकी का सहारा लेकर व्यापारियों को डराने का नया तरीका निकाला है, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गुरुग्राम के फर्रुखनगर इलाके में एक शराब ठेकेदार से विदेशी नंबर के जरिए लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक गुरुग्राम कोर्ट में वकील का मुंशी है और दूसरा महज 15 वर्षीय नाबालिग है।
घटनाक्रम के अनुसार, 25 अक्टूबर की दोपहर करीब 12:41 बजे शराब ठेकेदार के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आई। कॉलर ने खुद को विदेश में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर का गुर्गा बताया और अमेरिकी नंबर का हवाला देते हुए भारी-भरकम फिरौती की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि यदि समय रहते पैसे नहीं दिए गए, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस कॉल के बाद पीड़ित व्यवसायी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद फर्रुखनगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।
साजिश का पर्दाफाश: कोर्ट के मुंशी ने बुना था जाल
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड 25 वर्षीय सुमित है, जो गांव सिकंदरपुर बढ़ा का रहने वाला है। सुमित गुरुग्राम जिला अदालत में एक वकील के पास मुंशी के रूप में काम करता है। कोर्ट की कार्यवाही और पुलिसिया जांच के तरीकों की थोड़ी-बहुत समझ रखने के कारण उसे लगा कि वह तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंक देगा। उसने अपने साथ 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिग को भी इस अपराध में शामिल कर लिया।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| मुख्य आरोपी का नाम | सुमित (उम्र 25 वर्ष), निवासी सिकंदरपुर बढ़ा |
| सह-आरोपी | नाबालिग (उम्र 15 वर्ष), 8वीं का छात्र |
| आरोपी का पेशा | गुरुग्राम कोर्ट में वकील का मुंशी |
| वारदात की तारीख | 25 अक्टूबर 2024 |
| गिरफ्तारी की तारीख | 29 अक्टूबर 2024 |
| प्रयुक्त तकनीक | इंटरनेट आधारित वर्चुअल विदेशी नंबर (USA) |
| संबंधित थाना | फर्रुखनगर, गुरुग्राम |
वर्चुअल नंबर का भ्रम और पुलिस की तकनीकी कार्रवाई
प्रारंभिक पूछताछ में सुमित ने स्वीकार किया कि उसने इंटरनेट के माध्यम से यह जानकारी जुटाई थी कि विदेशी नंबर (Virtual Number) से कॉल करने पर लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल होता है। इसी गलतफहमी में उसने एक अमेरिकी वर्चुअल नंबर प्राप्त किया और नाबालिग साथी के जरिए शराब ठेकेदार को फोन करवाया। उनकी योजना थी कि यदि ठेकेदार पैसे देने को तैयार हो जाता, तो सुमित स्वयं उन रुपयों को ठिकाने लगाता। हालांकि, गुरुग्राम पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों के वास्तविक स्थान का पता लगा लिया।
"इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त किए जाने वाले वर्चुअल विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके अपराध करने वाले व्यक्ति यह गलतफहमी न पालें कि उनकी पहचान छिपी रहेगी। पुलिस आधुनिक तकनीक, साइबर जांच और डिजिटल साक्ष्यों की सहायता से हर अपराधी तक पहुंच सकती है। तकनीक का दुरुपयोग अपराधियों को सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।" - इंदीवर, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम
स्थानीय जनजीवन और व्यापारियों में सुरक्षा का भाव
गुरुग्राम और आसपास के जीटी रोड बेल्ट में व्यापारियों से रंगदारी मांगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने व्यापारियों के बीच विश्वास जगाया है। विशेष रूप से शराब ठेकेदारों और बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने वाले इन नए उम्र के अपराधियों के पकड़े जाने से साइबर अपराधों पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस अब इन आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करने और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन्होंने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह धमकाया था।
आगामी कानूनी कदम और प्रशासनिक चेतावनी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, जबकि सुमित को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। गुरुग्राम पुलिस ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी विदेशी या अज्ञात नंबर से धमकी भरे कॉल आते हैं, तो वे डरे नहीं और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी जानकारी दें। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य कभी मिटते नहीं हैं और कानून के हाथ इन अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।





