हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): HARYANA NEWS : हरियाणा में फिलहाल धान कटाई का सीजन पीक पर चल रहा है।। हरियाणा की मंडियों में किसानों की सुविधा और फसलों की सुचारू खरीद को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मंडियों में फसल आवक, खरीद व एमएसपी दरें
मंडियों में फसल की आवक लगातार जारी है और खरीद एजेंसियों द्वारा तय मानकों के अनुसार खरीद की जा रही है। इसी के चलते धान की पराली जलाने के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।। ऐसे में सरकार ने धान की पराली जलाने वालों पर अब ड्रोन से नजर रखने का फैसला लिया है।। इससे सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खेत में पराली जलाने वाला कोई भी बच न पाए।।
| मंडी व कृषि विवरण | वर्तमान स्थिति, दरें व प्रबंध |
|---|---|
| फसल / संदर्भ | हरियाणा में अब किसान नहीं जला सकेंगें पराली, ड्रोन से नजर रख |
| प्रमुख मंडियां | हरियाणा की संबंधित अनाज मंडियां |
| खरीद व्यवस्था | न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत सुचारू |
| भुगतान माध्यम | डीबीटी द्वारा सीधा बैंक खाते में |
किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश व भुगतान व्यवस्था
किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधा भुगतान भेजा जा रहा है। खरीद के साथ-साथ मंडियों से फसल के उठान की गति भी तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल सरकार धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की योजना बना रही है।। इसके लिए हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा पंचकूला में नया प्रयोग किया जा रहा है।। पंचकूला कृषि विभाग द्वारा अब ड्रोन से धान की पराली जलाने वालों पर नजर रखी जाएगी।। इसकी शुरूआत पंचकूला जिले में हो रही है।।
मौसम, खाद-बीज और फसल सुरक्षा के उपाय
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फसलों की देखभाल करने और आगामी बिजाई के लिए प्रमाणित बीजों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।
प्रशासनिक प्रबंध और उठान की स्थिति
मार्केट कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में बारदाने, पेयजल और किसानों के विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धान की पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पंचकूला जिला में निगरानी शुरू कर दी है।। धान की पराली जलाने वाले किसानों पर नजर रखने के लिए विशेषतौर पर ड्रोन की तैनाती की गई है।। यह ड्रोन इन क्षेत्रों में नजर रखेगा, जो विभाग की नजर में रेड जोन में हैँ।। इसके लिए पहले ही गांवों को चिन्हित कर लिया गया है।।





