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फरीदाबाद में जिगोलो क्लब के नाम पर ठगी, प्लेब्वॉय का झांसा देकर युवक से ऐंठे 89 हजार

फरीदाबाद में सोशल मीडिया के जरिए एक युवक को जिगोलो क्लब में काम दिलाने का झांसा देकर 89,750 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
21 अक्टूबर 2026 को 12:12 pm बजे2 मिनट पठन2 व्यूज
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फरीदाबाद में जिगोलो क्लब के नाम पर ठगी, प्लेब्वॉय का झांसा देकर युवक से ऐंठे 89 हजार
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •फेसबुक पर दोस्ती के बाद शातिर बदमाशों ने दिया था ऊंची कमाई का प्रलोभन।
  • •हर विजिट पर 20 से 30 हजार रुपये कमाने का लालच देकर शुरू हुआ ठगी का सिलसिला।
  • •मसाज किट और होटल रूम कार्ड के नाम पर कुल नौ किस्तों में वसूले गए 89,750 रुपये।
  • •पीड़ित की शिकायत पर फरीदाबाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज, जांच जारी।

साइबर ठगों ने इन दिनों लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद शातिर और नए-नए तरीके इजाद कर लिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे फरीदाबाद जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक साधारण युवक को सोशल मीडिया के जरिए प्लेब्वॉय और जिगोलो क्लब में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाया गया। आरोपियों ने हर महीने मोटी कमाई और प्रत्येक विजिट पर भारी-भरकम राशि मिलने का झांसा देकर पीड़ित को अपने बुने हुए जाल में पूरी तरह उलझा लिया। धीरे-धीरे विभिन्न औपचारिकताओं और उपकरणों के नाम पर उससे हजारों रुपये ऐंठ लिए गए, लेकिन जब वादा करने के बावजूद काम नहीं मिला तब जाकर पीड़ित को अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब पीड़ित युवक को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से एक अज्ञात प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। आपसी बातचीत बढ़ने के बाद शातिर अपराधियों ने उसे एक कथित जिगोलो एजेंसी से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। उसे बताया गया कि इस पेशे में शुरुआत करने के बाद उसकी वित्तीय परेशानियां पलक झपकते ही दूर हो जाएंगी और उसे हर क्लाइंट विजिट के एवज में 20 से 30 हजार रुपये तक का भुगतान मिलेगा। बेरोजगारी और पैसों की तंगी के दौर से गुजर रहे उस युवक ने इस लुभावने प्रस्ताव को अपनी किस्मत बदलने का जरिया मान लिया। शुरुआती दौर में रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर मात्र 1200 रुपये की मांग की गई, जिसे उसने बिना किसी शक के तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।

ठगी का सिलसिलेवार घटनाक्रम और वसूल की गई रकम

भुगतान का चरणबहाने या आवश्यकतावसूल की गई राशि
प्रथम चरणरजिस्ट्रेशन शुल्क1,200 रुपये
द्वितीय चरणमसाज किट की खरीद18,000 रुपये
तृतीय चरणडीलक्स रूम स्पेशल कार्ड6,000+ रुपये
चतुर्थ चरणहोटल रूम स्कैनर कार्ड6,000 रुपये
अंतिम चरणअन्य किस्तों का कुल योग (कुल 9 किस्तें)89,750 रुपये (कुल)

एक बार शुरुआती पंजीकरण शुल्क जमा हो जाने के बाद ठगों ने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए। पीड़ित को कभी पेशेवर मसाज किट खरीदने के नाम पर अठारह हजार रुपये जमा करने को कहा गया, तो कभी किसी लक्जरी होटल के डीलक्स रूम का स्पेशल कार्ड बनवाने के बहाने छह हजार से अधिक की रकम ऐंठी गई। इतना ही नहीं, होटल रूम के स्कैनर कार्ड के नाम पर भी अलग से भुगतान लिया जाता रहा। आरोपियों द्वारा हर बार एक नया और अनिवार्य खर्च बताकर युवक को मानसिक रूप से दबाव में डाला गया। उसे बार-बार यही विश्वास दिलाया जाता था कि इन सभी औपचारिकताओं के पूरी होते ही उसके खाते में क्लाइंट विजिट्स की बारिश होने लगेगी।

नतीजतन, अपनी जमापूंजी और उधार लेकर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 89,750 रुपये उन जालसाजों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उसने तय समय के बाद अपने काम और पहली विजिट के बारे में पूछताछ की, तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। कभी दो दिनों तो कभी चार दिनों का बहाना बनाकर उसे लगातार लटकाए रखा गया। दो महीने से अधिक का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी जब उसे कोई क्लाइंट नहीं मिला और संपर्क करने पर आनाकानी की जाने लगी, तब जाकर उसे इस बात का अहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है।

"साइबर ठगी के इस मामले में पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमारी तकनीकी शाखा यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जी नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए। जांच के उपरांत दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" - यशपाल, पीआरओ, फरीदाबाद पुलिस

पुलिस की कार्रवाई और नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी

जब पीड़ित को हर तरफ से निराशा हाथ लगी और उसके पास बचने का कोई अन्य विकल्प नहीं बचा, तब उसने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद की साइबर थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया हैंडल्स की तकनीकी जांच में जुटी है, जिनका इस्तेमाल इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया गया था। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपियों की पहचान जल्द ही उजागर कर ली जाएगी और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

यह घटना वर्तमान समय में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सक्रिय उन असामाजिक तत्वों की कार्यशैली को बेनकाब करती है, जो बेरोजगार या आर्थिक संकट से जूझ रहे युवाओं को अपनी सुगम शिकार बनाते हैं। पुलिस प्रशासन और साइबर विशेषज्ञों ने आम नागरिकों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लुभावने या असत्यापित नौकरी के प्रस्ताव पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म काम शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन, किट या कार्ड के नाम पर बार-बार पैसे की मांग करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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