हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): पंचकूला की CBI कोर्ट ने टीचर मनीषा डेथ केस में हरियाणा पुलिस के DSP और एक लेडी ASI की भूमिका को संदिग्ध माना है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
ये वहीं कॉलेज है, जि घटना के समय मनीषा के पिता संजय ने लेडी ASI से इस कॉलेज कैंपस की तलाशी लेने का अनुरोध किया था।। एएसआई जब कॉलेज गई तो उन्हें कॉलेज प्रशासन ने एंट्री देने से ही मना कर दिया था।। कोर्ट ने इसे पुलिस की लाचारी बताया।। दोनों के इन्वेस्टिगेशन मेथड पर भी कोर्ट ने सवाल खड़े करते इसे पक्षपातपूर्ण करार दिया है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | टीचर मनीषा डेथ मिस्ट्री, DSP- लेडी ASI की भूमिका संदिग् |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | पंचकूला, भिवानी |
| संबंधित संस्था / विभाग | पंचकूला ज़िला एवं सत्र न्यायालय |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 23 दिसंबर, 11 अगस्त |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
अब सच्चाई जानने के लिए DSP संजीव कुमार और ASI शंकुतला की सहमति से उनके तीन तरह के टेस्ट कराए जाएंगे।। इसके लिए पहले अधिकारी सवालों की एक लिस्ट तैयार करेंगे।। इसके बाद नार्को टेस्ट, ब्रेन फिंगर प्रिंटिंग और BEOS टेस्ट के जरिए मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।। कोर्ट में अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।। इसी दिन CBI के अधिकारियों को मामले में हुई प्रगति की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
पहले DSP-ASI को संदिग्ध मानने की वजह जानिए… 5 पॉइंट में समझिए, कोर्ट ने किन दावों को खारिज किया… अब CBI का अगला कदम क्या होगा:- अब मामले की जांच CBI से ब्रांच हेड स्तर के अधिकारी नए सिरे से करेंगे।। गवाहों के बयान भी अधिकारी खुद अपनी देखरेख और डिक्टेशन में दर्ज कराएंगे।। मनीषा की 12वीं की कॉपी की हैंडराइटिंग और विवादित सुसाइड नोट का कम से कम 3 विशेषज्ञों का बोर्ड दो अलग-अलग लैब में फोरेंसिक टेस्ट करेगा।। इनमें से एक लैब साउथ इंडिया की होगी।। शुरुआती जांच में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले एएसआई शकुंतला, डीएसपी संजीव कुमार, आइडियल नर्सिंग कॉलेज के मालिक अशोक कुमार सांगवान और देवेंद्र खाद भंडार के मालिक की भूमिका की गहन जांच होगी।। सभी संदिग्धों की सहमति से नार्को एनालिसिस, ब्रेन फिंगरप्रिंटिंग और बीईओएस टेस्ट कराने की तैयारी है।। इसके अलावा, मनीषा और उनके रिश्तेदार संजय कुमार के मोबाइल की सीडीआर निकाली जाएगी।। वहीं, 11 अगस्त 2025 की शाम आइडियल नर्सिंग कॉलेज के बाहर देखी गई संदिग्ध काली स्कॉर्पियो और उसमें सवार लोगों की पहचान की जाएगी।। हरियाणा- लेडी टीचर मनीषा केस दोबारा खुलेगा:CBI कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट खारिज, सीनियर IPS से जांच कराने के आदेश हरियाणा के भिवानी की 19 वर्षीय प्ले-स्कूल टीचर मनीषा की मौत के मामले में पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया।। कोर्ट ने मनीषा की मौत को आत्महत्या बताने वाली CBI की अंतिम रिपोर्ट खारिज कर दी है।। (पूरी खबर पढ़ें) This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





