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ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, ऑनलाइन टेस्ट पास करना होगा अब और कठिन

सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। ऑनलाइन टेस्ट में पासिंग मार्क्स 75% करने और नाम-पता बदलने की प्रक्रिया आसान बनाने की।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
22 अक्टूबर 2026 को 06:05 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, ऑनलाइन टेस्ट पास करना होगा अब और कठिन
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन पाठ्यक्रम और परीक्षा के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है।
  • •सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े ऑनलाइन टेस्ट में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने की तैयारी है।
  • •लाइसेंस में नाम और पता अपडेट करने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए शुल्क समाप्त करने का सुझाव दिया गया है।
  • •आधार आधारित पहचान सत्यापन करने वाले आवेदकों को विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के शुल्क में विशेष छूट मिलेगी।

वाहन चालकों और नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की चाह रखने वाले नागरिकों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नियमों में व्यापक बदलाव का खाका तैयार किया है। केंद्र सरकार की इस नई योजना का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाना और लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं सुगम करना है। मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन हेतु एक आधिकारिक मसौदा जारी किया गया है, जिसके लागू होने पर लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया के तौर-तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे।

इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऑनलाइन परीक्षाओं की कठिनाई का स्तर बढ़ाया जा रहा है ताकि केवल पूरी तरह प्रशिक्षित और योग्य चालक ही सड़कों पर वाहन लेकर उतर सकें। इसके साथ ही आम जनता की प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी को कम करने के लिए दस्तावेजों के नवीनीकरण और संशोधन के नियमों को भी सरल बनाया गया है। आइए जानते हैं कि इस प्रस्तावित मसौदे में कौन-कौन से मुख्य बदलाव शामिल किए गए हैं जो सीधे तौर पर हर वाहन चालक को प्रभावित करेंगे।

ऑनलाइन परीक्षा और पासिंग मार्क्स में संशोधन के प्रावधान

नए प्रस्ताव के अनुसार, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों से संबंधित अनिवार्य ऑनलाइन पाठ्यक्रम लगभग 30 मिनट की अवधि का होगा। वर्तमान व्यवस्था में इस ऑनलाइन टेस्ट को उत्तीर्ण करने के लिए उम्मीदवारों को 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते थे। हालांकि, सड़क सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा करने के उद्देश्य से मंत्रालय ने इस न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है।

यदि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप से मंजूरी मिल जाती है, तो भावी चालकों को टेस्ट में अपनी सफलता सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक संकेतों और ड्राइविंग नियमों की बेहद गहरी समझ रखनी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन चालकों की संख्या को घटाना है जो बिना पर्याप्त सैद्धांतिक ज्ञान के वाहन चलाने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं, जिससे भविष्य में सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.

प्रस्तावित श्रेणीवर्तमान नियमनया प्रस्तावित नियमसंभावित प्रभाव
ऑनलाइन टेस्ट पासिंग मार्क्स60 प्रतिशत अंक75 प्रतिशत अंकपरीक्षा का स्तर कठिन होगा, ट्रैफिक नियमों की गहरी समझ जरूरी
ऑनलाइन पाठ्यक्रम अवधिमानक अवधि निर्धारितलगभग 30 मिनटसुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण अनिवार्य और सुव्यवस्थित
नाम और पता संशोधन शुल्कनिर्धारित शुल्क लागूशुल्क समाप्त करने का प्रस्तावनागरिकों को आर्थिक राहत और प्रक्रिया सरल
निर्णय की समयसीमाअनिश्चित समय15 दिन के भीतर फैसला अनिवार्यसमयबद्ध तरीके से आवेदनों का निस्तारण

दस्तावेज सुधार और आधार सत्यापन पर विशेष राहत

ऑनलाइन परीक्षाओं की कठिन शर्तों के विपरीत, मंत्रालय ने लाइसेंस धारकों को कागजी कार्रवाई से जुड़ी समस्याओं से बड़ी राहत देने का भी खाका खींचा है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि किसी नागरिक को अपने ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज अपना नाम, उपनाम या निवास का पता बदलवाना है, तो इसके लिए लगने वाले शुल्क को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक लेटलतीफी को रोकने के लिए संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को एक निश्चित समयसीमा के भीतर कार्य करने का निर्देश देने का प्रावधान है। कोई भी नागरिक जब अपने लाइसेंस में संशोधन के लिए आवेदन करेगा, तो संबंधित विभाग को अधिकतम 15 दिनों के भीतर उस पर अपना निर्णय देना होगा। यदि आवेदन किसी तकनीकी कारण से अस्वीकार किया जाता है, तो अधिकारी को उसका ठोस कारण भी लिखित रूप में स्पष्ट करना होगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन के लिए मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाना, दस्तावेजों की प्रक्रिया में बदलाव करना और आवेदनों के निपटारे के लिए समय तय करना है।

प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं का विस्तार

सरकार की इस नई पहल का एक बड़ा पहलू डिजिटल इंडिया अभियान के साथ इसका एकीकरण है। योजना के अनुसार, जो आवेदक अपने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान का सत्यापन करवाएंगे, उन्हें शुल्क में विशेष रियायत दी जाएगी। इससे न केवल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाने के अवैध मामलों पर भी लगाम लगेगी।

लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों के पास पहचान और पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों में से अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने की अनुमति होगी। प्रशासन का यह कदम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है, बशर्ते इन प्रस्तावों को धरातल पर पूरी कड़ाई और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए।

आगामी कदम और नीतिगत क्रियान्वयन की दिशा

चूंकि यह अभी एक आधिकारिक मसौदा (Draft) है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस पर संबंधित पक्षों, विशेषज्ञों और आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इन सुझावों के आधार पर ही नियमों के अंतिम स्वरूप को तैयार किया जाएगा और संसद या गजट अधिसूचना के माध्यम से इसे देश भर में कानूनी जामा पहनाया जाएगा।

परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों के लागू होने से ड्राइविंग स्कूलों और लर्निंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां एक ओर परीक्षा पास करना परीक्षार्थियों के लिए चुनौती बनेगा, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलने से आम आदमी का समय और पैसा दोनों बचेगा।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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