हरियाणा की सियासत में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने भिवानी में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर गंभीर राजनीतिक हमले किए। दिग्विजय चौटाला ने कांग्रेस के आंतरिक इतिहास से लेकर भाजपा के साथ जेजेपी के पिछले गठबंधन तक के कई अनछुए पहलुओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेजेपी आगामी स्थापना दिवस के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास विरोधियों को कराएगी।
हुड्डा का नेतृत्व और कांग्रेस का पतन: दिग्विजय का ऐतिहासिक विश्लेषण
दिग्विजय चौटाला ने वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव परिणामों का स्मरण कराते हुए कहा कि उस समय जनता ने भजनलाल के नाम पर कांग्रेस को जनादेश दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के कारण भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 'बाय डिफॉल्ट' मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी गई थी। दिग्विजय के अनुसार, इसी फैसले ने हरियाणा में कांग्रेस की जड़ों को कमजोर करना शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी दैनिक रियलिटी लगातार हार का सामना कर रही है। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही कांग्रेस की लहर का दावा किया जा रहा था, लेकिन हुड्डा और भाजपा की कथित मिलीभगत ने परिणामों को पूरी तरह बदल दिया।
| प्रमुख बिंदु | दिग्विजय चौटाला के वक्तव्य का सार |
|---|---|
| भूपेंद्र सिंह हुड्डा | 2005 में सोनिया गांधी द्वारा 'बाय डिफॉल्ट' थोपे गए नेता। |
| बीजेपी-जेजेपी गठबंधन | 10 विधायकों के साथ सरकार में शामिल होना पार्टी को बचाने की मजबूरी थी। |
| भीम स्टेडियम बजट | 50 करोड़ की राशि को नाकाफी और खिलाड़ियों के साथ मजाक बताया। |
| नशा मुक्ति अभियान | मुख्यमंत्री सैनी को पंजाब के बजाय हरियाणा की आंतरिक स्थिति सुधारने की सलाह। |
गठबंधन की मजबूरी और कुलदीप बिश्नोई का संदर्भ
भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने और 'यमुना पार' के नारे पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए दिग्विजय ने यथार्थवादी रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए 40-50 विधायकों की आवश्यकता थी, जो जेजेपी के पास नहीं थे। उन्होंने तर्क दिया कि यदि जेजेपी 10 विधायकों के साथ सरकार का हिस्सा न बनती, तो पार्टी के भीतर के 'लोभी और लालची' तत्व बहुत पहले ही साथ छोड़ चुके होते। उन्होंने इशारों में कुलदीप बिश्नोई के राजनीतिक हश्र का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता में न रहने की स्थिति में पार्टी को बिखरने से बचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता।
"अगर हम भाजपा के साथ सरकार में सहयोगी न बनते, तो इतिहास गवाह है कि जो लोग आज हमें छोड़कर गए हैं, वे बहुत पहले ही जा चुके होते। सत्ता का संरक्षण पार्टी को एकजुट रखने के लिए आवश्यक था।" - दिग्विजय चौटाला
मुख्यमंत्री नायब सैनी को खेल और सामाजिक सुरक्षा पर नसीहत
भिवानी के भीम स्टेडियम के आधुनिकीकरण के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा घोषित 50 करोड़ रुपये की राशि पर तंज कसते हुए दिग्विजय ने इसे अत्यंत कम बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे खिलाड़ियों के प्रदेश के लिए यह राशि 'ऊंट के मुंह में जीरा' समान है। उन्होंने मांग की कि गुजरात के बजाय हरियाणा को कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी मिलनी चाहिए थी, क्योंकि देश की दो प्रतिशत आबादी वाला यह राज्य खेलों में सर्वाधिक पदक लाता है। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री के पंजाब दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब में राजनीति करने के बजाय सीएम को हरियाणा में फैल रहे नशे के जाल को काटना चाहिए, अन्यथा हरियाणा के हालात भी पड़ोसी राज्य जैसे भयावह हो सकते हैं।
भविष्य की रणनीति: महेंद्रगढ़ में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
दिग्विजय चौटाला ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जेजेपी अपना स्थापना दिवस इस बार महेंद्रगढ़ में मना रही है। इस रैली का उद्देश्य उन विरोधियों को जवाब देना है जो पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जो नेता पार्टी छोड़कर चले गए थे, उनमें से कई अब वापस आने के लिए संपर्क कर रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर ऐसे नेताओं की घर वापसी और संगठन के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।





